MP News: एमवायएच में आयुष्मान योजना के तहत बेरिएट्रिक सर्जरी नि:शुल्क की जा रही है।
MP News: आज लोग तेजी से मोटापे का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में इंदौर के बड़े सरकारी अस्पताल में आसान व सस्ती बेरिएट्रिक सर्जरी उपलब्धता के चलते वे यहां का रुख कर रहे हैं। विदेश से भी लोग आ रहे हैं। एमवायएच अस्पताल में बेरिएट्रिक व मेटाबोलिक क्लीनिक शुरू होने के बाद नि:शुल्क जांच व इलाज के लिए मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 23 फरवरी से शुरू हुए क्लीनिक में अब तक 33 लोग सर्जरी को पहुंचे हैं। इनमें से तीन की नि:शुल्क सर्जरी हो चुकी है।
वहीं अन्य को जांच व उपचार के बाद आगे की तारीख दी जा रही है। एमवायएच में आयुष्मान योजना के तहत बेरिएट्रिक सर्जरी नि:शुल्क की जा रही है। अन्य मरीज सरकारी खर्च पर उपचार करवा रहे हैं। जिन मरीजों ने अब तक इलाज कराया, उनमें एक इंदौर व एक हैदराबाद से है। एक मरीज पाकिस्तानी है, जिसका प्रोस्टेट का ऑपरेशन किया गया।
एमवायएच देश का पहला मेडिकल कॉलेज व सरकारी अस्पताल है, जहां यह सर्जरी मुफ्त हो रही है। अभी 33 मरीज वेटिंग में हैं। जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, उनका इलाज भी सरकारी खर्च पर किया जा रहा है, इसके लिए पूरी टीम बनाई गई है।
मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। हर तीसरा-चौथा व्यक्ति इस बीमारी से ग्रस्त है। यह ऐसा रोग है, जो अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप आदि मोटापे से ही पनपते हैं। इस बीमारी का उपचार भी महंगा है। निजी अस्पताल में इसके उपचार में 4 से 5 लाख रुपए तक खर्च आता है।
केस-1 : इंदौर निवासी 43 वर्षीय महिला ने बताया कि वह कई वर्षों से मोटापा, बीपी, हाइपरटेंशन, थायराइड, जोड़ों के दर्द आदि बीमारियों से ग्रस्त थी। वजन 120 किलोग्राम तक पहुंच गया था। एमवायएच के सर्जरी विभाग में इलाज के लिए पहुंची। परामर्श के बाद बेरिएट्रिक सर्जरी की गई। अब 97 किलो वजन है। इससे राहत मिली है।
केस-2 : 103 किलो वजनी 38 वर्षीय महिला की भी बेरिएट्रिक सर्जरी की गई। सर्जरी बाद उन्होंने बताया कि 10 वर्ष पूर्व वजन 103 किलोग्राम था। बहुत परेशानी होती थी। एमवाय अस्पताल की ओपीडी में प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के तहत सर्जरी हुई। अब वजन 70 किलो हो है व कई बीमारियों से राहत मिली है।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज में बेरिएट्रिक सर्जरी नि:शुल्क की जा रही है। हम सप्ताह में एक से दो ऑपरेशन कर रहे हैं। नए ऑपरेशन थिएटर शुरू होने पर बेरिएट्रिक सर्जरी के लिए एक यूनिट अलग रखेंगे। यहां हर माह 20 ऑपरेशन करने की योजना है। -डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर