
JEE Mains Update : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने इस साल जेईई मेंस परीक्षा में कई अहम बदलाव किए हैं, जिससे विद्यार्थियों के लिए परीक्षा की तैयारी और चुनौतीपूर्ण हो गई है। कोरोना महामारी के दौरान दी गई छूटों को इस बार वापस ले लिया गया है। इसके साथ ही, टाई ब्रेकर नियमों और प्रयासों की सीमा में भी बदलाव किया है। इंदौर से हर साल 20 हजार से ज्यादा विद्यार्थी जेईई मेंस(JEE Mains ) में शामिल होते हैं। इन बदलावों से कटऑफ कम रहने और पेपर कठिन होने की संभावना जताई जा रही है।
मालूम हो, कोरोना के समय, जेईई मेंस परीक्षा(JEE Mains ) के सेक्शन बी में छात्रों को विकल्प दिया गया था। इस सेक्शन में कुल 10 प्रश्न होते थे, जिनमें से छात्रों को केवल 5 प्रश्न हल करने होते थे। इस बार यह विकल्प हटा दिया गया है। अब सेक्शन बी में केवल 5 प्रश्न होंगे और सभी प्रश्नों को हल करना अनिवार्य होगा।
पहले विद्यार्थी 12वीं के साथ या ड्रॉप लेकर केवल दो बार ही जेईई एडवांस में शामिल हो सकते थे। इस बार इसे बढ़ाकर तीन प्रयास कर दिया गया है, जिससे छात्रों को एक अतिरिक्त मौका मिलेगा।
पहले, समान अंकों पर रैंक तय करने के लिए क्रमश: मैथ्स, फिजिक्स, कैमिस्ट्री के स्कोर और फिर आयु को आधार माना जाता था। अब नए नियम के अनुसार, जिनके सही उत्तरों की संख्या गलत उत्तरों की तुलना में अधिक होगी, उन्हें उच्च रैंक दी जाएगी।
एक्सपर्ट अजीत लुल्ला बताते हैं कि इस साल जेईई मेंस के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। खासकर ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के विद्यार्थी इस बात को लेकर भ्रमित हैं कि उन्हें केंद्र सरकार का प्रमाण पत्र लगाना है या राज्य सरकार का। इस कंफ्यूजन के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी अभी तक आवेदन नहीं कर पाए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 22 नवंबर निर्धारित की गई है। यदि यह समस्या बनी रही तो कई विद्यार्थी आवेदन करने से वंचित रह सकते हैं।