
metropolitan region प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)
Metropolitan Region: इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन में शाजापुर की दो तहसील शुजालपुर और कालापीपल को भी शामिल कर लिया गया है। क्षेत्रफल बढऩे के बाद अब नए सिरे से सर्वे व सेक्टर विभाजन होगा। रीजन को 42 सेक्टर में बांटकर प्लानिंग की जा रही है, ताकि व्यवस्थित विकास हो सके। इंदौर के साथ भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए काम हो रहा है।
इंदौर रीजन में इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, रतलाम, शाजापुर जिलों को शामिल किया गया था। शाजापुर का काफी कम हिस्सा इंदौर रीजन में था, जबकि भोपाल रीजन में शाजापुर के शुजालपुर व कालापीपल को शामिल किया गया था। शासन ने भोपाल रीजन से शुजालपुर व कालापीपल को हटाकर इंदौर रीजन में शामिल कर दिया है। अब इंदौर रीजन 15-16 हजार वर्ग किलोमीटर का हो गया है। आइडीए की देखरेख में मेट्रोपॉलिटन रीजन का काम हो रहा है। इसकी कार्ययोजना बनाने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त किया गया है।
सभी पांच जिलों के क्षेत्रफल, जनसंख्या के आधार पर विकास की योजना तैयार होगी। रीजन की अलग अथॉरिटी बनाई जाएगी, जिसमें जनप्रतिनिधियों के साथ सभी कलेक्टर भी होंगे। रीजन के 42 सेक्टर में आवासीय, शिक्षा, स्वास्थ्य, ट्रांसपोर्ट आदि रहेंगे। रतलाम में औद्योगिक क्षेत्र के साथ एक्सप्रेस वे भी है, जिससे महानगरों से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी।
जानकारी के लिए बता दें कि साल 2047 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य तय किया है। यह तभी संभव है जब प्रदेश का हर शहर, गांव, परिवार और व्यक्ति विकसित और आत्मनिर्भर होगा। इस दिशा में राज्य सरकार मेट्रोपॉलिटन सिटी का कांसेप्ट लेकर आई है। मेट्रोपालिटन रीजन एक्ट लागू कर दिया गया है अब इसके नियम बनाए जा रहे हैं। इससे भोपाल, इंदौर के साथ आसपास के छोटे नगरों व गांवों का भी सुनियोजित विकास होगा।
Published on:
06 Feb 2026 04:48 pm
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