
Indore BJP Kisan Morcha President- गांव की भाजपा में किसान मोर्चे का जबरदस्त क्रेज हो गया है। हालत ये है कि भाजपा युवा मोर्चा की तरह यहां भी दावेदारों की फौज खड़ी हो गई है। ये आंकड़ा 9 के पार कर चुका है, तो सभी विधायक अपने अपने समर्थक को बनाने ताकत लगा रहे हैं।
बताते हैं कि पैनल बनाने में जिला अध्यक्ष के पसीने छूट गए क्योंकि संगठन ने तीन नाम मांगे और वे संख्या कम नहीं कर पा रहे थे। किसानों को प्रसन्न करने के लिए भाजपा सरकार लगातार प्रयास कर रही है तो उनमें पकड़ बनाने के लिए पार्टी ताकत झोंक रही है। उन्हें मालूम है कि संगठन जितना मजबूत होगा उतना फायदा होगा। पार्टी के रुख को देखते हुए ग्रामीण स्तर पर किसान मोर्चा का महत्व भी बढ़ गया है जिसका असर अब पद की दावेदारी पर भी नजर आ रहा है।
इंदौर जिला किसान मोर्चा का अध्यक्ष बनने के लिए 9 दावेदारों के नाम सामने आए हैं, जबकि प्रदेश भाजपा संगठन की गाइड लाइन है कि तीन नाम की ही पैनल भेजना है। इसके चलते जिला भाजपा अध्यक्ष श्रवण चावड़ा की मुश्किलें बढ़ गई थीं। हालांकि उन्होंने छह नामों की पैनल बनाकर भेज दी है, ताकि किसी दावेदार और उनका नाम रख रहे विधायक को बुरा ना लगे। इधर, जिले के सभी विधायक चाहते हैं कि उनके कोटे से मोर्चा अध्यक्ष बनाया जाए। हालांकि जिला अध्यक्ष चावड़ा ने साफ कर दिया है कि जिले में चार विधानसभा हैं तो सभी किसी ना किसी मोर्चे की कमान सौंपी जाएगी।
पैनल के अलावा दावेदारों की फेहरिस्त में महू से धर्मचंद्र कश्यप, देपालपुर से नरोत्तम चौधरी और राऊ से सुरेंद्र सोलंकी का नाम भी था।
किसान मोर्चा में भी जाति का कोई बंधन नहीं है, जिसके लिए सभी वर्गों के नेता दावेदारी करते हैं। इंदौर में कई बड़े काश्तकार हैं जो बड़े पैमाने पर खेती करते हैं। राऊ को छोड़कर तीनों विधानसभा में बड़ी-बड़ी जमीन के किसान हैं। सोयाबीन, गेहूं व चने के अलावा आलू और गाजर की बड़ी खेती होती है। कई युवा किसान भी उन्नत खेती कर रहे हैं। इसके अलावा पार्टी ने पिछले लोकसभा, विधानसभा और जिला पंचायत के चुनाव में मोर्चा के पदाधिकारियों को लड़ाया था।
बताया जा रहा है कि भाजपा जिला अध्यक्ष चावड़ा ने पैनल बनाकर भोपाल प्रदेश संगठन को सौंप दी है। उसमें महू के सुनील गहलोत व जितेंद्र चौहान, सांवेर के जितेंद्र आंजना के अलावा महू से ही सत्यनारायण परमार, राऊ से शिवा डिंगू और सांवेर के मुकेश पटेल का नाम है। पहले तीन नामों पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है। गेहलोत का नाम विधायक उषा ठाकुर तो चौहान संगठन की पसंद हैं, आंजना का नाम मंत्री तुलसीराम सिलावट ने दिया। डिंगू की सिफारिश जीतू जिराती, परमार का नाम विधायक ठाकुर और पटेल का नाम भी मंत्री सिलावट ने ही सुझाया था।