
Indore BJYM City President: मध्यप्रदेश के इंदौर में दीपावली के बाद किसी भी दिन भाजयुमो नगर अध्यक्ष के नाम की घोषणा हो सकती है । इसे लेकर स्थानीय नेताओं में घमासान मचा हुआ है। खबरें हैं कि नेताओं में मचे घमासान का हवाला देकर पार्टी के एक नेता ने चक्रव्यूह रच दिया है, जिसमें पैनल के 11 दावेदार अभिमन्यु बन जाएंगे। वे पैराशूट से नए नाम की एंट्री करा रहे हैं, जिसने युवा मोर्चा के लिए ऐसा कोई बड़ा काम नहीं किया। इस उठापटक की भनक दावेदारों को भी लग गई है जो खुलकर आने की तैयारी कर रहे हैं।
पैनल से बाहर से अगर किसी पैराशूट एंट्री से आने वाले नेता के नाम की घोषणा होती है, तो मोर्चा में बवाल खड़ा हो सकता है। ग्रामीण भाजयुमो अध्यक्ष की घोषणा के बाद अब नगर को लेकर भी हलचल तेज हो गई है। वैसे तो तीन माह पहले ही नगर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने 11 नामों की पैनल भेज दी थी, जिसमें से अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए, लेकिन युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने कुछ जिलों में बाहर के नामों की घोषणा कर दी। इसके बाद से इंदौर नगर में भी कुछ नेताओं ने संभावनाएं तलाशना शुरू कर दी हैं, जिसके लिए बकायदा षड्यंत्र रच दिया गया।
माहौल तैयार किया जा रहा है कि पैनल के नामों को लेकर कोई भी नेता एक मत नहीं हो रहा है, आपस में खींचतान मची हुई है। एक को बनाते हैं तो बाकी नाराज हो जाएंगे। इस चक्रव्यूह के पीछे एक मंत्री हैं, जो सारा खेल खेल रहे हैं। उन्हें मालूम है कि मौजूदा पैनल में उनका खोई खास नहीं है और वे इंदौर के संगठन में युवा मोर्चा के जरिए अपनी पकड़ को मजबूत करना चाहते हैं। इस बात की भनक दावेदारों को लग गई है जो कि अब खुलकर सामने आने के मूड में हैं। हकीकत ये भी है कि सभी लंबे समय से मोर्चा में पसीना बहा रहे हैं। ऐसे में पेराशूट एंट्री होती है तो सभी ठगे जाएंगे। ऐसा हुआ तो कुछ मोर्चा नेता तो खुलकर मैदान पकड़ने के मूड में हैं।
नगर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने 11 नामों की पैनल भेजी, जिसमें सबसे पहला आक्षांशु तिवारी का है तो बाद में अमित पालीवाल, रोहित चौधरी, अमित सिंह कुशवाह, धीरज ठाकुर, जय राजदेव, मयुरेश पिंगले, निक्की राय, अक्षत चौधरी, अंकित सिकरवार और आवेश राठौर का नाम दिया गया है। कुशवाह का नाम विधायक महेंद्र हार्डिया ने रखा है, जिनकी मदद जिला प्रभारी राजेश सिंह सोलंकी कर रहे हैं। इधर पैनल में तीन नाम विधायक रमेश मेंदोला के भी हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं कि वह पहले नंबर पर किसको बनाना चाहते हैं। इधर बताया जा रहा है कि अध्यक्ष पैनल से बाहर का लेने के बाद दो महामंत्री 11 में से बनाए जा सकते हैं, ताकि घोषणा के बाद खड़े होने वाले विद्रोह को शांत किया जा सके।