चोर इस बात से अंजान थे कि जिस भैंस को वो माढ़ा गांव से चुराकर लाए हैं वो दरअसल माढ़ा नहीं बल्कि झड़ी गांव की ही है। गांव की सीमा में आते ही भैंस गांव को पहचान गई और चोरों से झटककर भागकर अपने मालिक अरविंद के घर जा पहुंची। भैंस के पीछे-पीछे चोर भी अरविंद के घर पहुंच गए। चोरों ने अरविंद से कहा कि भैंस उनकी है और भागकर घर में आ गई है, लेकिन अरविंद को उन पर शक हो चुका था। अरविंद ने तुरंत ससुराल में फोन किया तो पता चला कि भैंस और उसकी पड़िया गायब है। इसके बाद अरविंद ने जब अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर चोरों से पूछताछ शुरू की तो घिरता देख एक चोर भाग निकला जबकि दूसरे को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।