रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में नया मोड़, आरोपी का दावा- मंत्री के घर से मिले इंजेक्शन...।
इंदौर। इंजेक्शन की कालाबाजारी (remdesivir injections) की आंच मंत्री तुलसी सिलावट के घर तक पहुंच गई है। रेमडेसिविर इंजेक्शन ब्लैक (black marketing) करते पकड़ाए जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. पूर्णिमा गाडरिया की गाड़ी के ड्राइवर पुनी अग्रवाल के दावे ने सभी को हैरान कर दिया है। पुनीत ने पुलिस पूछताछ में दावा किया है कि प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट की पत्नी की गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर ने उसे यह इंजेक्शन दिए थे। वह कई लोगों को मंत्री के यहां से इंजेक्शन दिलवा चुका है। गौरतलब है कि थोड़ी दिन पहले ही मंत्री तुलसी सिलावट के बेटे पर इंजेक्शन की कालाबाजारी के आरोप लगे थे। इसके बाद आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेता संजय शुक्ला पर सिलावट के बेटे ने मानहानी का केस किया है।
विजय नगर पुलिस ने सोमवार रात को ओल्ड अग्रवाल नगर निवासी पुनीत अग्रवाल (30) को पकड़ा था। वह दो रेमडेसिविर इंजेक्शन 40 हजार रुपए में बेचने के लिए आया था। ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस ने उसे पकड़ लिया था। पूछताछ में उसने बताया कि वह इम्पैक्ट ट्रैवल्स में ड्राइवर है। ट्रैवल्स की कार जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. पूर्णिमा गाडरिया के पास अटैच है, वह उस गाड़ी का ड्राइवर है। छह माह से वह गाड़ी चला रहा है। जब पुनीत से इंजेक्शन के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि वह उसे गोविंद ने इंजेक्शन दिया है। गोविंद भी इम्पैक्ट ट्रैवल्स का कर्मचारी है, वह मंत्री तुलसी सिलावट की पत्नी की गाड़ी चलाता है। उसका दावा है कि मंत्री के यहां से उसने इंजेक्शन दिए थे। 14 हजार रुपए में एक इंजेक्शन उसने खरीदा था।
विधायक संजय शुक्ला ने मामले में सीएम से सिलावट को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग तक कर दी है। उनका कहना है कि रेमडेसिविर की कालाबाजारी में मंत्री सिलावट के करीबियों का नाम आना मेरे आरोपों को सही साबित कर रहा है। पिछले दिनों शुक्ला ने सिलावट और उनके परिवार के लोगों पर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने का आरोप लगाया था।
क्या कहते हैं मंत्रीजी
प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट कहते हैं कि गोविंद ट्रेवल्स की तरफ से नियुक्त ड्राइवर है। ट्रैवल्स की तरफ से बदल पर ड्राइवर आते हैं। आरोपों को विश्वसनीय नहीं माना जा सकता। पुलिस निष्पक्षता से काम करे। जांच में जहां भी सहयोग की जरूरत होगी, हम उसके लिए तैयार हैं।