
Clean Air Survey 2025: पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मंगलवार को स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के परिणाम जारी किए। इसमें देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर (Indore) ने फिर इतिहास रचते हुए नंबर वन का तमगा हासिल किया है। 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में इंदौर ने 47 शहरों को पछाड़ा। उसे 200 में से 200 अंक मिले। दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव को डेढ़ करोड़ का चेक और ट्रॉफी से सम्मानित किया। वेटलैंड सिटी का प्रमाण-पत्र भी दिया।
यादव ने इंदौर(Indore) की स्वच्छता, वेटलैंड आदि के लिए किए गए काम को लेकर तारीफ की। एक पुस्तिका का विमोचन किया गया। इसमें बेहतर काम करने वाले शहरों का वर्णन है। जबलपुर देश में दूसरे नंबर पर रहा। भोपाल को छठे से संतोष करना पड़ा। ज्ञात रहे कि केंद्र सरकार देश में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम चला रही है। इसके तहत तीन श्रेणी में देश के 130 शहर हैं। इन्हीं में वायु सर्वेक्षण किया गया।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण की शुरुआत देश में 2017-18 में हुई थी। अब सर्वे को वार्ड स्तर पर भी लागू किया जाएगा। मंगलवार को मंत्री भूपेन्द्र यादव ने गाइडलाइन जारी की। 2026 में कुल 7500 वार्ड शामिल होंगे। वार्ड स्तर पर बेहतर आबोहवा के लिए किए गए काम की निगरानी और उसके परिणाम का आकलन किया जाएगा।
संस्कारधानी को 200 में से 199 अंक मिले। एक करोड़ अवॉर्ड राशि मिली। लगातार दूसरी बार दूसरा स्थान हासिल किया। वायु गुणवत्ता में बीते साल के मुकाबले 18% का सुधार किया। खामी की बात करें तो इंदौर के मुकाबले इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी रही।
देवास ने 200 में से 193 अंक हासिल कर अपनी श्रेणी में देश में नंबर वन है। लगातार पौधरोपण किया गया। दो स्वीपिंग मशीनों से सड़कों की सफाई कर 10-12 टन धूल हटाई। कोयला, लकड़ी जलाने पर प्रतिबंध। उद्योगों में गैस का उपयोग शुरू कराया गया।
भारत के लिए अत्यंत प्रेरणादायी यह सफलता तीनों शहरों के वासियों की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति पवित्र सोच, अटूट संकल्प, जागरूकता और अद्वितीय जनभागीदारीको समर्पित है। -डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री