पेट्रोल-डीजल के दाम इन दिनों आसमान छू रहे हैं, इस कारण वाहन चालकों के लिए ये सबसे सस्ता ईंधन है।
इंदौर. मध्यप्रदेश के उज्जैन-देवास सहित कई जिलों में इंदौर से भी सस्ती सीएनजी मिल रही है, चूंकि पेट्रोल-डीजल के दाम इन दिनों आसमान छू रहे हैं, इस कारण वाहन चालकों के लिए ये सबसे सस्ता ईंधन है। चूंकि इंदौर में सीएनजी गैस अन्य जिलों की अपेक्षा महंगी है, इस कारण यहां के उद्योगपतियों ने सीएनजी पर लगने वाले वैट को कम करने के लिए राज्यपाल से चर्चा की है। ताकि अन्य जिलों की तरह इंदौर में भी सीएनजी गैस सस्ती मिले, क्योंकि सीएनजी का उपयोग वाहनों के साथ ही उद्योगों में भी होता है।
इंदौर के उद्योगपति परेशान
देवास सहित प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में इंदौर में महंगी सीएनजी मिलने से उद्योग जगत परेशान है। शहर की आबोहवा सुधारने को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम ने विशेष अभियान चलाया है, जिसमें उद्योगों को ईंधन के अन्य स्वरूपों के बजाए सीएनजी से चलाने के लिए दवाब बनाया जा रहा है। उद्योगपतियों का कहना है, हम भी शहर की आबोहवा बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन देश में सबसे महंगी सीएनजी इंदौर में मिलेगी तो उद्योगों को चलाना मुश्किल होगा।
14 फीसदी लगता है वैट
गुरुवार को सीएनजी पर लगने वाले 14 फीसदी वैट को कम करने मांग को लेकर एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मप्र के बैनर तले उद्योगपतियों ने राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मुलाकात की। उन्होंने उद्योगों से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी उनसे चर्चा की।
अन्य राज्यों में है 3 से 6 फीसदी टैक्स
अध्यक्ष प्रमोद डफरिया ने बताया, इंदौर से लगे देवास और उज्जैन में भी यहां से सस्ती सीएनजी मिल रही है। उन्होंने बताया, मप्र में सीएनजी पर 14 फीसदी वैट लगता है, जबकि हमारे पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली में वैट दर महज 3 से 6 फीसदी है। ऐस में यहां के उद्योगों को सीएनजी से चलाने पर उत्पादन लागत कई गुना बढ़ जाएगी और हमारे उद्योग अन्य राज्यों की प्रति स्पर्धा से बाहर हो जाएंगे। राज्यपाल ने करीब 40 उद्योगपतियों के दल को इस मुद्दे पर सकारात्मक प्रयास करने का आश्वासन दिया। बैठक में सुनील व्यास, प्रकाश जैन, दिलीप देव, ओम धूत, आलोक दवे, तरुण व्यास, अनिल पालीवाल, रीना जैन, अमित धाकड, मनीष चौधरी आदि मौजूद थे।