congress leader child murder: इंदौर समीप महू के कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह चौहान के बेटे हर्ष का अपहरण हो गया था। अपहरण के बाद अपहरणकर्ता का फोन आया जिसमें उन्होंने चार करोड़ रुपए की फिरौती मांगी।
congress leader child murder: डेढ़ साल पहले कांग्रेस नेता के छह वर्षीय बेटे का अपहरण कर चार करोड़ की फिरौती मांगने और खुलासे का डर होने के बाद हत्या करने वाले दो आरोपियों की विशेष न्यायाधीश ने दो मौत और सात साल के सश्रम कारावास की सजा सूना दी। वहीं, एक आरोपी को साक्ष्य के आभाव में बरी किया गया। हत्या करने वाला एक आरोपी रिश्तेदार ही था जिसने बच्चे के खुलासा करने के डर से हत्याकांड को अंजाम दिया।
सोमवार को विशेष न्यायाधीश देवेंद्र प्रसाद मिश्र की अदालत ने विक्रांत पिता अशोक ठाकुर (24) निवासी मुरादाबाद शाजापुर व ऋतिक पिता सुभाष ठाकुर (22) निवासी पिगडम्बर महू को दो बार मौत की सजा का कठोर फैसला सूनाया। पिगडम्बर निवासी जितेंद्रसिंह चौहान के छह वर्षीय बेटे हर्षसिंह चौहान का अपहरण कर हत्या का आरोप था। उन्हें सात साल सश्रम कारावास व तीन-तीन हजार का अर्थदंड भी दिया गया। पैसा जमा नहीं करने पर छह-छह माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा। इधर, तीसरे आरोपी हरिओम पिता विक्रम वाघेला (20) निवासी साईंबाग कालोनी नागझिरी उज्जैन को कोर्ट ने बरी कर दिया।
5 फरवरी 2023 को इंदौर समीप महू के कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह चौहान के बेटे हर्ष का अपहरण हो गया था। अपहरण के बाद अपहरणकर्ता का फोन आया जिसमें उन्होंने चार करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। बाद में अपहरण कर्ता डर गए कि कहीं बच्चा बाद में नाम का खुलासा ना कर दे। इसके चलते उन्होंने बच्चे का गला और नाक दबाकर हत्या कर दी थी और लाश चोरल के जंगल में फैंक दी। लाश मिलने के बाद महू के सिविल अस्पताल के प्रभारी डॉ. एचआर वर्मा ने बताया कि बच्चे की हत्या मुंह में कपड़ा ठूंसकर और नाक दबाकर की गई थी।
हर्ष के गायब होने के बाद परिजनों ने काफी तलाश की लेकिन नहीं मिला। बाद में पुलिस से शिकायत की गई। इस बीच में फिरौती के लिए अपहरणकर्ताओं को फोन भी आ गया। पुलिस ने बड़ी ही शांति से उसे डील करने की रणनीति बनाई। परिजनों को अपहरण कर्ताओं से बात करने का कहां तो दूसरी तरफ अपनी तफ्तीश तेज कर दी।
बाद में जांच के दौरान गांव से बाहर जाने वाले हर रास्ते के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तब रेलवे क्रासिंग के समीप लगे सीसी टीवी केमरे में पुलिस को बच्चा जाते नजर आया तब चौहान ने बताया कि ये तो रिश्तेदार ऋतिक ही है। उसके बाद पुलिस ने उस पर नजर रखी और पकड़कर पूछताछ की। पहले तो वह नहीं माना बाद में टूट गया जिसकी निशान देही पर बच्चे का शव चोरल के जंगल में मिला।
अपहरण व हत्या करने वाले आरोपी ऋतिक ठाकुर के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से जितेंद्र सिंह के पिता उसे पिगडम्बर लेकर आ गए थे। उसे पढ़ाया लिखाया भी उन्होंने अपने खर्चे से था। रिश्तेदारी में जितेंद्र की भुआ के परिवार से था।
आरोपी ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपी ऋतिक ने अपना अपराध स्वीकारते हुए सहानुभूति हासिल करने के लिए एक कबूलनामा पेश किया था। उसने पुरानी रंजिश और फिरौती की लालच में बच्चे की हत्या करना बताया। कहना था कि मां की 15 साल पहले पिता ने जलाकर हत्या कर दी थी। बाद में जितेंद्र ने उसके पिता की जमानत कराई थी।