
इंदौर/ मध्य प्रदेश के इंदौर में कोरोना संक्रमण बेकाबू स्तर पर है। आलम ये है कि, शहर में अब कोई गली और कोई मोहल्ला ऐसा बाकि नहीं है, जहां कोरोना ने दस्तक न दी हो। हद तो तब हो गई जब लाख इंतजाम किये जाने के बावजूद कोरोना का विस्फोट वृद्धाश्रम में हुआ है। यहां 40 बुजुर्ग रहते हैं। इनमें से 18 बुजुर्ग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। कुछ बुजुर्गों का ऑक्सीजन लेवल 90 के नीचे पाई गई है, जिन्हें आनन फानन में शहर के अलग अलग अस्पतालों में व्यवस्था के अनुसार भर्ती कराया गया है।
तबियत खराब होने की सूचना पर की गई थी जांच
शहर के एयरपोर्ट रोड पर राज शांति आशियाना नाम से वृद्धाश्रम स्थित है। वृद्धाश्रम के रिकॉर्ड के मुताबिक, यहां 40 बुजुर्ग रहते हैं। शुक्रवार को इनमें से 18 बुजुर्गों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। एसडीएम पराग जैन ने बताया कि, तबीयत बिगड़ने की सूचना पर डॉक्टर्स की टीम पहुंची और सैंपल लिए। इनमें 18 बुजुर्ग संक्रमित मिले हैं। जैन ने बताया कि इनमें से 13 बुजुर्गों का सेचुरेशन लेवल ठीक था, जिन्हें कोविड केयर सेंटर-2 को एमआरटीबी में भर्ती किया गया है। कुछ की हालत गंभीर है और ऑक्सीजन लेवल 90 से भी कम है। वहीं 3 बुजुर्गों को चाचा नेहरू अस्पताल पहुंचाया गया जो बेहतर स्थिति में है। शेष बुजुर्ग को आश्रम में ही दवा और सीनियर डॉक्टर का इंतजाम किया गया है।
पूरे शहर में फैला संक्रमण
वहीं, मामले को लेकर डॉ. अनिल ढोंगरे ने बताया कि, शहर के कुल 835 इलाके संक्रमण के घेरे में हैं। सबसे ज्यादा 2337 केस सुदामा नगर में, 2170 विजय नगर, इसके बाद सुखलिया, नंदा नगर, महालक्ष्मी नगर, खजराना, स्कीम नंबर 71, तिलक नगर , स्कीम नंबर 78, राजेंद्र नगर , मूसाखेड़ी में संख्या काफी अधिक है। इस हिसाब से देखें तो, पूरे शहर में संक्रमण अपने पाव जमा जुका है। ताजा आंकडों पर गौर करें, तो शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के जारी किए गए मेडिकल बुलेटिन में कुल 1811 संक्रमित मिले। वहीं, मौत का आंकड़ा भी लगातार बढ़ते हुए 1139 तक पहुंच गया, लेकिन ये सिर्फ सरकारी आंकड़ा है, हकीकत इससे अलग है, जिनकी हकीकत श्मशान घाट में जलती चिताएं बयां कर रही हैं।