
मंत्री का एक्शन प्लान : कहा- 'निजी अस्पताल खुद लगाएं ऑक्सीजन प्लांट, सरकार के भरोसे न बैठें'
इंदौर/ मध्य प्रदेश की आर्थिक नगरी इंदौर में कोरोना मरीजों के लिए हो रही ऑक्सीजन की किल्लत के बीच जिले के कोरोना प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने निजी अस्पताल संचालकों की बैठक में कहा कि, ऑक्सीजन की कमी है, इसके लिए सरकार के भरोसे बैठे रहना उचित नहीं। अस्पतालों में ही प्लांट लगाएं, इसके लिये सरकार आपकी मदद करेगी। मंत्री सिलावट ने कहा कि, मौजूदा स्थितियों को देखते हुए ऑक्सीजन के मामले में अस्पतालों को आत्मनिर्भर होना होगा।
पढ़ें ये खास खबर- आखिर गांवों की सुध लेने निकली सरकार, अब बनाए जाएंगे कोरोना केयर सेंटर
28 अस्पतालों ने जताई सहमति
प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने शहर के अस्पताल प्रबंधकों के साथ आयोजित ये बैठक रेसीडेंसी कोठी में ली थी। बैठक के दौरान शहर के 28 निजी कोविड अस्पताल संचालक अस्पताल में ही ऑक्सीजन प्लांट लगाने पर सहमति दे भीचुके हैं। इस बीच दो अस्पतालों ने जानकारी दी है कि, उन्होंने अस्पताल के भीतर ही ऑक्सीजन प्लांट बनाने की व्यवस्था पर काम भी शुरू कर दिया गया है। कुछ ही समय बाद से उनके अस्पतालों में स्वयं का ऑक्सीजन प्लांट होगा।
अस्पतालों को GST में भी छूट पर विचार
बैठक के दौरान मंत्री सिलावट ने अस्पताल प्रबंधकों से कहा कि, जिन अस्पतालों में आगामी दिनों में ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्था होगी। उनके लिये जीएसटी अथवा अन्य करों में छूट देने पर चर्चा की जाएगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा की जा चुकी है। बैठक में मौजूद अधिकांश निजी अस्पताल संचालकों ने ऑक्सीजन प्लांट लगाने की आवश्यकता पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि, वो जल्द ही काम शुरू कर देंगे।
प्रदेश में अभी ये है कोरोना संक्रमण की हालत
हालांकि, मध्य प्रदेश में कोरोना को लेकर राहत भरी खबर भी सामने आई है। संक्रमण के मामले में मध्य प्रदेश 13वें स्थान से खिसक कर 14वें स्थान पर आ गया है।प्रदेश में कोरोना के एक्टिव प्रकरणों की संख्या भी घटकर 90, 796 हो गई है। नए सामने आने वाले प्रकरणों की तुलना में रिकवरी दर में बढ़ोतरी देखी गई है। बीते 24 घंटों की ही बात करें, तो सूबे में कोरोना के 12, 400 नए मरीज सामने आए हैं, जबकि 13, 584 मरीज स्वस्थ हुए हैं। कोरोना रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश का रिकवरी रेट भी 83 फीसदी हो गया है। कोरोना के पॉजिटिविटी रेट पर भी गिरावट दर्ज हो रही है। प्रदेश की औसत पॉजिटिविटी रेट 21.1% हो गई है। मध्य प्रदेश में बीते 7 दिनों का औसत पॉजिटिविटी रेट की बात करें, तो 22.4 फीसदी है, जबकि देशभर में सात दिन का औसत पॉजिटिविटी रेट 21 फीसदी है। यानी देशभर के मुकाबले मध्य प्रदेश के हालात अब भी चिंताजनक हैं।
Updated on:
1 May 2021, 11:22 AM IST
Published on:
1 May 2021, 11:06 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.