इंदौर

बॉयफ्रेंड बनाने का डाला दबाव, डेटिंग एप पर करवाती थी लॉगिन, छात्रा के रूम में मिली आपत्तिजनक चीजें

DAVV Dating App Controversy: कमला नेहरू छात्रावास में रूममेट की शिकायत के बाद जांच हुई और प्रथम वर्ष की छात्रा को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया।

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Feb 28, 2026
student expelled from hostel over dating app controversy in davv indore (फोटो- Patrika.com)

MP News: इंदौर के डीएवीवी (DAVV) के तक्षशिला परिसर स्थित कमला नेहरू छात्रावास में एक छात्रा के आचरण को लेकर उठे विवाद के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच कर कार्रवाई की है। रिपोर्ट के आधार पर छात्रा को छात्रावास से निष्कासित किया गया है, जबकि उसकी पढ़ाई जारी रहेगी।

डाटा साइंस विभाग की प्रथम वर्ष की छात्रा के खिलाफ उसकी रूममेट ने वार्डन डॉ. अर्पिता लाखरे को शिकायत दी थी। जिसमें कहा गया कि छात्रा निजी संबंधों के मुद्दे पर अन्य छात्राओं पर दबाव बनाकर डेटिंग एप के जरिए बॉयफ्रेंड बनाने के लिए कहती है। रूममेट का आरोप था कि वीडियो कॉल के दौरान उसका व्यवहार आपत्तिजनक था, जिससे वह असहज हो गई और कमरा छोड़ दिया।

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मिली आपत्तिजनक सामग्री मामले की जानकारी

कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई और कुलसचिव प्रज्वल खरे को दी गई। इसके बाद पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई जिसमें डॉ. अर्चना रांका, डॉ. सुधिरा चंदेल, डॉ. निशा सिद्दकी, डॉ. अर्पिता लाखरे और डॉ. पूजा जैन शामिल रहीं। समिति ने तीन दिन तक छात्रावास की लगभग दस छात्राओं से अलग-अलग बातचीत कर तथ्य जुटाए। छात्राओं ने बताया कि वह बॉयफ्रेंड बनाने के लिए डेटिंग एप पर लॉगिन भी करवाती थी और सिगरेट पीना उसका रोज का काम था। छात्रा के कमरे की तलाशी में कुछ आपत्तिजनक सामग्री और सिगरेट मिली। मोबाइल की भी जांच की गई, हालांकि जब्त नहीं किया गया।

स्थानीय अभिभावक का विवरण नहीं

संबंधित छात्रा कोलकाता की रहने वाली है और सीयूईटी से पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स में दाखिला लेकर यहां पढ़ाई कर रही है। प्रशासन के अनुसार, प्रवेश के समय स्थानीय अभिभावक का विवरण नहीं दिया था। सूचना उसके पिता को दे दी है, जो जल्द विवि आकर अधिकारियों से मुलाकात कर सकते हैं।

छात्रा का पक्ष और प्रशासन का निर्णय

पूछताछ के दौरान छात्रा ने बॉयफ्रेंड बनाने के लिए दबाव बनाने के आरोपों से इनकार किया। समिति ने अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी है। कुलसचिव प्रज्वल खरे के अनुसार, रिपोर्ट के आधार पर छात्रा को छात्रावास से हटाने का निर्णय लिया गया है। चूंकि उसने विधिवत प्रवेश परीक्षा देकर दाखिला लिया है, इसलिए उसे विभाग से निष्कासित नहीं किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि परिसर में अनुशासन और सुरक्षित माहौल बनाए रखना प्राथमिकता है, और भविष्य में भी किसी शिकायत को गंभीरता से लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। (MP News)

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Published on:
28 Feb 2026 02:57 am
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