
Indore Inducts 23 Metro Trains on a 17 km Track (फोटो- Patrika)
Indore metro- इंदौर में मेट्रो ट्रेन का संचालन अभी गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर के करीब 6 किमी में हो रहा है। यात्रियों की कमी से एक मेट्रो ट्रेन ही चलाई जा रही है। 17 किमी का ट्रैक तैयार है लेकिन कमर्शियल रन की तारीख तय नहींं है। मेट्रो की करीब 34 किमी की पूरी रिंग पर संचालन में कई सालों का समय है। अधिकारियों ने 25 मेट्रो ट्रेन का ऑर्डर दिया था और इनमें से 23 आ भी गई हैं। अधिकारियों का तर्क था कि हर 5 मिनट में ट्रेन उपलब्ध कराएंगे जिसके लिए 25 ट्रेनों की आवश्यकता है। इधर विशेषज्ञों का कहना है कि 17 किमी में संचालन शुरू होता है तो भी 4-5 ट्रेनें ही चल पाएंगी। शेष डिपो में धूल खाएंगी।
मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने इंदौर व भोपाल में मेट्रो ट्रेन के संचालन की तैयारी की थी। अधिकारियों ने पूर्व में बताया था कि करीब 1400 करोड़ में कंपनी का साथ अनुबंध हुआ है और वहां से 156 कोच यानी 52 मेट्रो ट्रेन मिलेंगी। इनमें से 25 इंदौर और 27 भोपाल में चलेंगी। तर्क दिया था कि इंदौर में मेट्रो की रिंग (गांधी नगर से एमआर-10 होते हुए मालवीय नगर चौराहा, बंगाली चौराहा होकर एमजी रोड होते हुए एयरपोर्ट, गांधी नगर तक) पूरी होगी तो करीब 7 लाख यात्री हर दिन मेट्रो ट्रेन में सफर करेंगे।
इंदौर के लिए तीन कोच वाली 23 मेट्रो ट्रेन गांधी नगर डिपो में हैं। इन्हें असेंबल कर ट्रायल रन किया जा रहा है। 30 अगस्त 2023 को पहली मेट्रो ट्रेन वडोदरा से इंंदौर आई थी। अभी गांंधी नगर से सुपर कॉरिडोर स्टेशन 3 तक मेट्रो चल रही है, क्योंकि इस हिस्से में आबादी कम है। एक ट्रेन को सप्ताह में 300-400 यात्री मिल रहे हैं।
25 ट्रेनों का इस्तेमाल मुश्किल
सुपर कॉरिडोर से मालवीय नगर स्टेशन तक 11 किमी का ट्रैक पूरा है, लेकिन संचालन की तारीख तय नहीं है। यह शुरू होती है तो गांधी नगर से मालवीय नगर चौराहे तक 17 किमी में मेट्रो से यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। एयरपोर्ट तक ट्रैक डल जाता है तो 34 किमी में मेट्रो चलेगी। मेट्रो के पूर्व जीएम केसी चौहान का कहना है कि मेट्रो का 17 किलोमीटर तक संचालन शुरू होता है तो डाउन व अप में केवल 4-5 मेट्रो ट्रेनों का ही संचालन हो पाएगा, शेष धूल खाती रहेंगी। पूरी रिंग बनने पर भी इतने कोच का संचालन मुश्किल लगता है।
एरोड्रम इलाके में अंडरग्राउंड स्टेशन की खुदाई के दौरान ड्रेनेज व पानी की लाइन डेमेज होने का खतरा हैै। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मेट्रो अधिकारियों को चेताया कि अंडरग्राउंड लाइनों को नुकसान नहीं होना चाहिए। महापौर वार्ड क्र. 4 का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा, मेट्रो का कार्य तेजी से चल रहा है। मेट्रो के कार्य के चलते आसपास की कॉलोनियों के लोगों में पानी और ड्रेनेज लाइनों को लेकर चिंता है। इसी के चलते महापौर ने एयरपोर्ट रोड स्थित अंडरग्राउंड कार्य को भी देखा।
Updated on:
21 Apr 2026 12:30 pm
Published on:
21 Apr 2026 12:29 pm
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