E-Vehicle: शहर के डीलर्स का कहना है कि जिस हिसाब से कस्टमरों की मांग आ रही है उससे सेल रिकॉर्ड हो सकती है।
E-Vehicle: प्रधानमंत्री द्वारा पेट्रोलियम की खपत कम करने के आव्हान का ही नतीजा है कि ईवी की डिमांड में खासा सुधार आ गई है। ताजुब की बात तो यह कि पहले की तुलना में सब्सिडी कम करने के बावजूद ग्राहक ईवी को प्राथमिकता दे रहा है। बीते दिवस सोलर पैनल से जुड़ी कंपनी ने एक साथ छह ईवी की डिलीवरी ली। इस समय फोर व्हीलर के साथ टू व्हीलर खरीदी कर रहे हैं। ईवी में जरूर इजाफा हुआ है।
टीवीएस ईवी के डीलर अनिल दुगड़ के अनुसार ग्राहकों को लग रहा है कि इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) से पेट्रोल की कीमत से राहत मिलेगी। यही कारण है इलेक्ट्रॉनिक गाडिय़ों (ईवी) की डिमांड ऐतिहासिक रूप से 20 फीसदी तक बढ़ गई। इसमें थ्री व्हीलर भी शामिल हैं। जिस हिसाब से कस्टमरों की मांग आ रही है उससे सेल रिकॉर्ड हो सकती है।
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बताया गया कि जब ईवी की शुरूआत हुई थी तब सरकार 51 हजार रुपए की सब्सिडी दे रही थी इसके बाद करेक्शन हुआ सब्सिडी घटकर 22 हजार हो गई। डिमांड बढऩे के साथ एक बार फिर यह कम हुई और 10 हजार हो गई। बीते महीने से यह सब्सिडी मात्र पांच हजार हो गई है लेकिन मांग बनी हुई है। कुछ मैन्यूफेक्चरिंग यूनिटें कस्टमर को 3500 रुपए का कैशबैक आफर भी दे रही है।
प्रदेश सरकार ईवी से दो फीसदी रोड टैक्स लेती हैं जबकि अन्य सेगमेन्ट की गाडिय़ों पर 8 प्रतिशत ड्युटी है।
अनिल ने बताया कि बीते दिवस सोलर से जुड़ी कंपनी ने एक साथ छह ईवी की डिलीवरी ली। कंपनी का मानना रहा जब वह सोलर की मदद से अन्य को सहयोग कर रहे हैं को क्यों न खुद भी पर्यावरण के हितार्थ ईवी का इस्तेमाल करें। बताया गया कि इसके साथ ही शहर की कई कंपनियां ईवी की जानकारी ले रही है।
कई दिनों पहले भी पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह से बड़ी संख्या में लोगों का रुझान इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) की तरफ बढ़ा है। शोरूम पर अचानक ग्राहकों की भीड़ नजर आने लगी। करीब 20 फीसदी डिमांड बढ़ गई थी। कुछ शो रूम पर तो स्टॉक भी खत्म हो गया थी। एजेंसी बुकिंग कर रही थी लेकिन डिलीवरी बाद में देने के लिए कहा गया था।
एक्सपर्ट बताते है कि पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह ने बाजार का ट्रेंड पलट दिया है। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों के चलते इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) शोरू्स पर अचानक ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। जो लोग पहले पेट्रोल-डीजल गाडिय़ों की बुकिंग कर रहे थे, वे अब सीधे ईवी के विकल्प तलाश रहे हैं।
बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के बाद वैश्विक तेल कीमतों में अस्थिरता के मद्देनजर पीएम मोदी ने जनता से ऐलान किया है। प्रधानमंत्री ने जनता से पेट्रोल और डीजल पर अपनी निर्भरता कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों और सार्वजनिक परिवहन को अपनाने या सक्रिय रूप से उपयोग करने का आग्रह किया है।
हालांकि इलेक्ट्रिक वाहन हमेशा से ही सरकार के हरित परिवहन और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के प्रयासों का प्रमुख केंद्र रहे हैं, लेकिन पीएम मोदी के हालिया 'इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख करें' आह्वान ने इस आवश्यकता को और भी अधिक स्पष्ट कर दिया है और इलेक्ट्रिक परिवहन की ओर क्रमिक परिवर्तन को एक बार फिर रेखांकित किया है।