Gold Silver Prices: तेज उतार-चढ़ाव ने सर्राफा बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी, जिसका सीधा असर आभूषण बिक्री पर पड़ा है...
Gold Silver Prices: सोना-चांदी की कीमतों में कुछ वर्षों में आई ऐतिहासिक तेजी-मंदी ने सर्राफा कारोबार की दशा-दिशा बदलकर रख दी है। जिस व्यवसाय की पहचान कभी पारंपरिक आभूषणों, भारी गहनों और पारिवारिक खरीदारी से होती थी, वह आज तेजी से बुलियन (सोना-चांदी सिल्ली) पर केंद्रित होता जा रहा है। कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव, बदलती उपभोक्ता सोच और व्यापारिक जोखिमों ने ज्वेलरी से ज्यादा सोने-चांदी की सिल्ली-सिक्कों को कारोबार का केंद्र बना दिया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में युद्ध, महंगाई, ब्याज दरें व डॉलर की चाल, घरेलू स्तर पर आयात शुल्क, टैक्स और रुपये की स्थिति इन सभी कारणों से सोना-चांदी में कभी रेकॉर्ड तेजी तो कभी अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। इस तेज उतार-चढ़ाव ने सर्राफा बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी, जिसका सीधा असर आभूषण बिक्री पर पड़ा है। मांगलिक कार्यों में गहनों का वजन कम हो रहा है। पुराने गहनों की अदला-बदली (एक्सचेंज) बढ़ी है। नए गहनों की खरीद सीमित हो गई है। कीमत गिरते ही ग्राहक बुलियन में निवेश को प्राथमिकता दे रहा है।
परंपरागत सर्राफा अब केवल ज्वेलर नहीं, बल्कि ट्रेडर और निवेश सलाहकार की भूमिका में भी आ गया है। ग्राहकों को तेजी-मंदी के अनुसार बुलियन खरीदने की सलाह दी जा रही है। इस बदलाव ने सर्राफा कारोबार को अधिक व्यावसायिक और कम भावनात्मक बना दिया है।
आभूषणों पर बढ़ता मेकिंग चार्ज और जीएसटी भी बिक्री में गिरावट का बड़ा कारण है। ग्राहक को गहने बेचने पर मेकिंग चार्ज नहीं मिलता, जबकि बुलियन में ग्राहक को शुद्ध धातु का मूल्य मिलता है। इन्हीं परिस्थितियों में सर्राफा व्यापारियों का झुकाव तेजी से बुलियन कारोबार की ओर बढ़ा है। बुलियन में स्टॉक का जोखिम कम है। फैशन या डिजाइन बदलने की चिंता नहीं। कई सराफा प्रतिष्ठानों में कुल टर्नओवर का बड़ा हिस्सा सोने-चांदी की छड़ों, सिल्ली-सिक्कों से आ रहा है।
-सोना-चांदी की रेकॉर्ड तेजी-मंदी ने सर्राफा कारोबार को नई दिशा दी है। बुलियन निवेश और कारोबार की रीढ़ हो गया है। समय के साथ सर्राफा व्यवसाय भी परंपरा से निकल आधुनिक व्यापारिक ढांचे में ढल रहा है। - हुकुम सोनी, सर्राफा एसोसिएशन अध्यक्ष
-कुछ वर्षों में बड़े राष्ट्रीय और क्षेत्रीय ज्वेलरी ब्रांड्स ने छोटे और मध्यम शहरों में भव्य शोरूम खोले हैं। इसका सर्राफा बाजार पर गहरा प्रभाव पड़ा है। चांदी-सोना निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित माने जाते हैं। -बसंत सोनी, उपाध्यक्ष सर्राफा एसोसिएशन