Varanasi Bulldozer Action: वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़फोड़ ने आस्था, इतिहास और राजनीति को आमने-सामने खड़ा कर दिया है। अहिल्याबाई की विरासत से जुड़े इस विवाद पर एमपी के इस समाज में आक्रोश।
Manikarnika Ghat Demolition: वाराणसी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट को स्थानीय प्रशासन द्वारा ढहाए जाने पर धनगर समाज (Dhangar Samaj) में असंतोष और आक्रोश व्याप्त हो रहा है। मध्य प्रदेश के इंदौर में गुरुवार को धनगर, गड़रिया, पाल, बघेल समाज के साथ धनगर समाज की समस्त उपजातियों की बैठक रखी गई। बैठक में दोषी अधिकारियों को दंडित करने एवं मणिकर्णिका घाट, देवस्थान का पुनः निर्माण और लोकमाता देवी अहिल्या कि प्रतिमाएं पुनः स्थापित करने की मांग की गई। इसके लिए समाज नै राजबाड़ा पर हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय लिया है। (mp news)
सुधीर देडगे ने बताया कि लोकमाता अहिल्याबाई द्वारा किए गए जन कल्याण कार्य जिनका आज भी ऐतिहासिक महत्व है। लोगों की आस्था का केंद्र है। उसका इस प्रकार बगैर किसी पुरातत्व अधिनियमों के पालन किए विनाश करना उचित नहीं है। हम विकास का समर्थन करते हैं, किंतु जिस प्रकार अहिल्याबाई द्वारा जनकल्याण के लिए किए गए कार्यों को नासमझी से ध्वस्त किया गया, जिसमें जनभावना आहात हो रही है। देड़गे वाराणसी प्रशासन को दोषियों को दंड देने एवं भविष्य मैं इस प्रकार कि पुनरावृत्ति ना ही जिसके लिए प्रधानमंत्री और उप्र के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए जाएंगे। मामले में विधिक सहायता भी ली जा रही है। 19 जनवरी को कलेक्टर इंदौर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देंगे।
कांग्रेस से सांसद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बनारस में मणिकर्णिका घाट पर बुलडोजर चलाकर सदियों पुरानी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को ध्वस्त करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मणिकर्णिका घाट और इसकी प्राचीनता का धार्मिक महत्व तो है ही इससे लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की स्मृतियां भी जुड़ी हैं। विकास के नाम पर चंद लोगों के व्यावसायिक हितों के लिए, देश की धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाना घोर पाप है। इसके पहले भी बनारस में रिनोवेशन के नाम पर कई सदी पुराने कई मंदिर ध्वस्त किए जा चुके हैं। काशी की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान मिटाने की साजिशें बंद होनी चाहिए।
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर विकास कार्य के दौरान तोडफोड़ (Varanasi Bulldozer Action) में देवी अहिल्या बाई से संबंधित मूर्तियां व अन्य निर्माण प्रभावित हुए जिसका स्थानीय स्तर पर विरोध किया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर खासगी ट्रस्ट के प्रमुख यशवंत राव होलकर ने वाराणसी पहुंचकर जानकारी ली।
लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के मुताबिक, घाट के विकास के दौरान लापरवाही के कारण देवी अहिल्या से जुडी कलाकृतियों के प्रभावित होने की जानकारी वहां के प्रशासन ने दी है और साथ ही कहा है कि जो कलाकृतियां प्रभावित हुई थी उन्हें सुरक्षित कर लिया गया है। प्रशासन घाट पर स्थित मढ़ी का पुनर्निर्माण करेगा। जो कलाकृतियां है उन्हें फिर से स्थापित किया जाएगा। मुझे वहाँ की ज्यादा जानकारी नहीं है, ट्रस्ट के लोग जरूर वहां गए है। (mp news)