
Jhabua - राजस्थान के दौसा में इंदौर आ रही हंस ट्रेवल्स की बस ओवरटेक करते समय ट्रेलर से भिड़ गई। इसमें 8 लोगों की मौत हो गई। बस हादसे में एमपी के कई लोगों ने अपनों को खो दिया है। किसी की पत्नी की मौत हो गई तो किसी ने पति को गंवा दिया। दौसा बस हादसे में इंदौर के दीपक की मौत हो गई। वे अपनी पत्नी दिव्या और 4 साल के बेटे के साथ देहरादून से लौट रहे थे। इधर मौजीपाड़ा के कालू बस का अगला कांच तोड़कर सुरक्षित निकल आए। वे झाबुआ के ग्राम भूतेड़ी निवासी धर्मसिंह के साथ सफर कर रहे। कालू और धर्मसिंह जहां दूर के रिश्तेदार थे वहीं अच्छे दोस्त भी थे। कालू ने अपनी जान पर खेलकर दोस्त को निकाला। हालांकि बाद में उनकी बाहों में ही दोस्त ने दम तोड़ दिया।
ऋषिकेश से इंदौर आ रही बस में 39 वर्षीय कालू भी सवार थे।उन्होंने बताया कि धर्मसिंह से रिश्तेदारी के साथ ही अच्छी दोस्ती भी थी। हम गुजरात के मोरबी में साथ काम करते थे। 29 जून को हरिद्वार के लिए साथ ही निकले थे। मंगलवार शाम स्लीपर बस से इंदौर लौट रहे थे। पहली सीट पर ऊपर वाले केबिन में सो रहे थे। रात में अचानक जोरदार धमाका हुआ और बस रुक गई। धर्मसिंह की तरफ वाली सीट टूट गई थी। ड्राइवर के पीछे बने बाथरूम के पास जा गिरा।
कालू के अनुसार बस में अफरा-तफरी मच गई थी। इसके बीच मैंने और कुछ अन्य यात्रियों ने बस के आगे के हिस्से का कांच तोड़ा और हम सुरक्षित बाहर निकले। मैंने धर्मसिंह को भी जैसे-तैसे बस से बाहर निकाल लिया। उसकी सांसें चल रही थीं लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं आ सकी। इलाज में देरी की वजह से उसकी जान नहीं बच पाई।
बता दें कि राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर यह भीषण सड़क हादसा हुआ। मंगलवार देर रात टक्कर के बाद बस में लगी आग में आठ लोग जिंदा जल गए। शव पूरी तरह राख में तब्दील हो गए हैं। उन्हें पोटली में बांधकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान के लिए डीएन टेस्ट कराया जाएगा। इसके बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
हादसे में 25 यात्री भी घायल हुए, जिन्हें दौसा के जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। हादसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र में रात करीब 2.30 बजे हुआ। भयावह दुर्घटना में बस खाक हो गई।