
Indore news: मध्यप्रदेश में इंदौर शहर के राजनगर में रिक्शा चालक विजय होलकर की हाथी के कुचलने से हुई मौत के बाद अब जांच का फोकस हाथी को रखने की वैधता पर आ गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हाथी को पालने के लिए जरूरी अनुमति और लाइसेंस लिया गया था या नहीं। इसके लिए वन विभाग से विस्तृत जानकारी मांगी गई है। यदि जांच में लाइसेंस नहीं मिला तो महावत पर वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत अलग से कार्रवाई होगी। घटना के बाद पुलिस ने महावत के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।
हालांकि हाथी को संभालना पुलिस के लिए संभव नहीं था, इसलिए उसकी अस्थायी कस्टडी महावत को ही दी गई और उसके साथ आए दूसरे महावत हाथी को अपने साथ ले गए। एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल ने बताया कि पूरे मामले में वन विभाग को पत्र लिखकर नियमों और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी मांगी गई है। यह भी पूछा गया है कि हाथी के संबंध में आगे क्या कार्रवाई की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि हाथी अनुसूची-1 (शेड्यूल-1) का संरक्षित वन्यजीव है, इसलिए उसके संबंध में अंतिम निर्णय और कार्रवाई का अधिकार वन विभाग के पास है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सबसे पहले यह जांच होगी कि हाथी को रखने के लिए विधिवत लाइसेंस और अनुमति ली गई थी या नहीं। यदि दस्तावेज नहीं मिले तो महावत और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा हाथी को रेस्क्यू कर वन विभाग अपने कब्जे में ले सकता है। बाद में उसे किसी फॉरेस्ट रिजर्व या अधिकृत संरक्षण केंद्र में रखा जाएगा
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी जंगली हाथी के हमले से जंगल क्षेत्र में किसी व्यक्ति की मौत होती है तो शासन की ओर से पीड़ित परिवार को 8 लाख रुपए तक का मुआवजा दिया जाता है, लेकिन राजनगर की घटना शहर में एक पालतू हाथी से जुड़ी है। ऐसे में इसकी जिम्मेदारी हाथी के मालिक या लाइसेंसधारी व्यक्ति की मानी जाएगी और उसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
पुलिस के अनुसार शाम करीब 4.30 बजे उज्जैन से कुछ साधु एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने हाथी लेकर इंदौर आए थे। कार्यक्रम के बाद वे हाथी को इलाके में घुमा रहे थे। इसी दौरान विजय हाथी को गुड़ खिलाने लगा तभी हाथी ने हमला कर दिया। स्थानीय लोगों और महावत ने विजय को किसी तरह हाथी से बचाया और जिला अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एमवाय अस्पताल भेजा लेकिन परिवार निजी अस्पताल ले गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन का कहना है कि डॉक्टरों ने रीढ़ की हड्डी टूटने और सीने में गंभीर चोटें आने के कारण मौत होना बताया।