
Indore News :मध्य प्रदेश में प्रभावी अहिल्यापथ योजना के विरोध के साथ साथ राज्य के किसानों की कृषि भूमि पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने की मांग को लेकर भारतीय किसान एवं मजदूर सेना के साथ - साथ अहिल्या पंथ संघर्ष समिति द्वारा आज बुधवार को शहर में स्थित इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया है।
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान नेताओं में बबलू जाधव, शैलेंद्र पटेल, चंदनसिंह बड़वाया और प्रवीण ठाकुर का कहना है कि, योजना के कारण किसानों की कृषि भूमि के क्रय - विक्रय और विकास पर प्रतिबंध लग गए हैं। इससे बड़ी संख्या में किसान प्रभावित हो रहे हैं। किसानों की मांग है कि कृषि भूमि के डायवर्जन पर लगी रोक तत्काल हटाई जाए और विकास की अनुमति दी जाए।
यही नहीं, साथ में जमीन के क्रय और विक्रय पर लगाए गए प्रतिबंध समाप्त कर अहिल्यापथ योजना निरस्त किया जाए। बबलू जाधव का कहना है कि, जमीन किसानों की आजीविका और भविष्य का आधार है। इसे सरकार द्वारा इ तरह प्रभावित नहीं किया जा सकता। आपको बता दें कि, इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित धरने में बड़ी संख्या में इंदौर संभाग के साथ - साथ आसपास के किसान शामिल हो रहे हैं।
आपको बता दें कि, इससे पहले अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए किसानों ने मध्य प्रदेश सरकार में शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से भी मुलाकात भी की थी, जिन्होंने आईडीए अधिकारियों को किसानों से बातचीत करने और उनकी शिकायतों का समाधान करने का निर्देश दिया। किसानों का आरोप है कि, अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। फिलहाल, किसानों द्वारा परियोजना को रद्द करने की मांग की और अपनी मांगें पूरी न होने पर विरोध प्रदर्शन को और तेज करने की कसम खाई है।