
इंदौर.किसानों की उपज खरीदकर उनका पैसा हजम करने वाले व्यापारियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई छेडऩे का मन किसानों ने बना लिया है। हालांकि यह लड़ाई विगत चार-पांच महीने से चल रही है, लेकिन प्रशासनिक ढीलपोल के कारण व्यापारी से वसूली नहीं की जा सकी। इसके बाद किसानों ने तय किया है कि अब वे खुद व्यापारी और उसके परिजनों की संपत्ति पर कब्जा कर आंदोलन शुरू करेंगे। आज पुलिस में भी रिपोर्ट की जाएगी।
व्यापरी हरीनारायण खंडेलवाल के खिलाफ किसानों का यह आंदोलन चार महीने से चल रहा है। पर मंडी प्रशासन और उसके कर्मचारियों की मिलीभगत से सैकड़ों किसानों को आज भी अपनी उपज की कीमत नहीं मिली है। इसके लिए किसानों ने कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई, लेकिन मदद कहीं से नहीं मिली। अब किसानों ने अंतिम फैसला लिया कि जब तक किसानों का तकरीबन तीन करोड़ की बकाया रकम नहीं अदा की जाती, तब तक उसकी संपत्तियों पर किसान कब्जा कर आंदोलन करते रहेंगे। भुगतान होने के बाद किसान संपत्तियों पर कब्जा छोड़ देंगे।
और तेज होगा आंदोलन
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष बबलू जाधव का कहना है कि किसानों ने तो अपना उत्पाद हरीनारायण खंडेलवाल को प्रशासन के जरिए ही बेचा था और उन्हें इसकी कीमत पाने का पूरा हक है। इसके लिए खंडेलवाल और उससे संबंधित जितनी भी संपत्ति है, उन पर किसान कब्जा कर लेगा और आज खंडेलवाल एवं मंडी के प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद आंदोलन और तेज होगा। आंदोलन को किसी प्रकार से दबाने या कुचलने की कोशिश की जाती है, तो उसके लिए स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार होगा।