Health news: विशेषज्ञों ने कहा शराब के बढ़ते सेवन और उससे जुड़ी लिवर बीमारियों पर विशेष चिंता जताई गई....
Health news: अगर आप फैटी लीवर, हार्ट या लकवे की समस्या से परेशान है तो ये खबर आपके काम की है। एमजीएम मेडिकल कालेज से संबद्ध सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग ने तीन दिवसीय जीआइ कॉन्क्लेव का आयोजन किया। इसमें देशभर के लिवर और एंडोस्कोपी विशेषज्ञों ने गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी में हो रहे आधुनिक शोध और इलाज की नई तकनीकों पर चर्चा की।
विशेषज्ञों ने बताया, 2040 तक आज की जटिल एंडोस्कोपी जांच एक साधारण पिल (कैप्सूल) से संभव हो जाएगी। यह कैप्सूल न सिर्फ पाचन तंत्र की जांच करेगा, बल्कि फैटी लिवर, हार्ट की बीमारी और लकवे जैसी गंभीर समस्याओं की पहचान और इलाज में भी मददगार होगा।
शराब के बढ़ते सेवन और उससे जुड़ी लिवर बीमारियों पर विशेष चिंता जताई गई। विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर इलाज नहीं होने पर मरीज को लिवर ट्रांसप्लांट तक की जरूरत पड़ सकती है। कॉन्क्लेव में पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित वरिष्ठ लिवर विशेषज्ञ डॉ. शिव सरिन की पुस्तक ओन योर बाडी का विमोचन किया गया। साथ ही पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण प्ला से सम्मानित एंडोस्कोपी विशेषज्ञ डा. डी नागेश्वर रेड्डी का सम्मान किया गया। इंदौर के वरिष्ठ चिकित्सक डा. डेमो सुनील जैन को लाइफटाइम गया अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया।
आर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया, कार्यशाला में एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (ईयूएस) पर आधारित 16 जटिल केस किए गए। इनमें गालब्लैडर कैंसर, पैंक्रियाज कैंसर, पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट मेंप्लास्टिक और मेटैलिक स्टेंट डालना, गैस्ट्रिक वैरिक्स में ग्लू और काइल से इलाज जैसे मामले शामिल रहे। लाइव डेमो से ईयूएस एनाटामी को समझाया गया और बायोप्सी व स्टेंट डालने की प्रक्रिया बताई गई।
इसके अलावा कॉन्फ्रेंस में एल्कोहालिक लिवर डिजीज, मेटाबालिक एल्कोहालिक लिवर डिजीज (मेट-एएलडी), फैटी लिवर और एश्राइटिस यानी पेट में पानी भरने की समस्या पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि अधिकांश लिवर रोग शराब, फैटी लिवर और गलत खानपान से होते हैं। इस दौरान नई दिल्ली के डॉ. आदर्श चौधरी, डॉ. अमित महदेव, मुंबई के डॉ. अनिल अरोरा, हैदराबाद के डॉ. प्रमोद गर्ग आदि को सम्मानित किया गया।