पूर्व महापौर कृष्ण मुरारी ने दिये सुझाव, कहा- शहर को व्यवस्थित रखना है तो इसपर गौर होना चाहिए।
इंदौर/ पूर्व महापौर कृष्ण मुरारी मोघे ने इंदौर डीआईजी हरिनारायण चारी मिश्रा से चर्चा कर सुझाव दिया कि, रेड सिग्नल पर जो भिक्षावृत्ति करने वाले महिला पुरुषों को सिग्नल पर भीख मांगने के लिए खड़ा नहीं होने देने की बजाय नगर निगम द्वारा शेल्टर हाउस या फिर राधा स्वामी सत्संग स्थल पर जहां असहाय और जरूरतमंद लोगों को रखा गया है, वहां शिफ्ट करने की व्यवस्था पर विचार होना चाहिए।
यहां सोशल डिस्टेंसिंग की अधिक जरूरत
उन्होंने शहर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए सिग्नल पर खड़े खासकर दो पहिया वाहन चालकों से दूरी बनाकर खड़े होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, सिग्नल पर कोरोना से बचाव के लिए अनाउंसमेंट करने की व्यवस्था की जाना चाहिए। जो भी वाहन चालक सिग्नल पर खड़े होते हैं वो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए दूरी बनाकर सिग्नल खुलने का इंतजार करें, मास्क का इस्तेमाल करें, साथ ही सैनिटाइजर भी अपने साथ रखें, ताकि समय पर अपने हाथों को साफ करते रहें।
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जलभराव के स्थानों की हो साफ-सफाई
निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल को उन्होंने बारिश में होने वाले जलभराव के लिए स्थल चिन्हित कर सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि, आने वाले समय में वर्षा काल के दौरान स्टार्म वाटर से कई बार शहर की सड़कें जलमग्न होने की स्थिति बन जाती है। समय रहते मुख्य जल भराव के स्थानों को चिन्हित कर वहां लगे हुए जाली और निकासी मार्गों की साफ-सफाई सुनिश्चित कर ली जाए जिससे आने वाली भारी बारिश का भी पानी सड़कों पर एकत्रित नहीं हो।
यहां होता है अधिक जलभराव
उन्होंने शहर के कुछ खास स्थानों को चिन्हित करते हुए कहा कि, भोलाराम उस्ताद मार्ग से पिपलियापाला को जाने वाली लाइन, वेलोसिटी टॉकीज के आसपास, रीगल चौराहा, मालगंज आदि कुछ ऐसे स्थान हैं जहां ज्यादा जल भराव होता है।
'सैनिटाइजिंग के साथ मलेरिया से भी पाई जा सकती है राहत'
मोघे ने बताया कि, शहर में कोरोना महामारी के चलते सैनिटाइजेशन किया जा रहा है क्यों ना उस सैनिटाइजर के साथ मलेरिया मच्छरों की दवाई भी मिला दी जाए, जिससे शहर में बरसात में फैलने वाले मलेरिया और अन्य तरह की मच्छर जनित बीमारियों से बचा जा सके।