फिर तेजी से बढ़ी कोरोना की रफ्तार : कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार और प्रशासन चर्चा कर नाइट कर्फ्यू लगाने की तैयारी कर रही है। तो वहीं, नगर निगम चुनाव की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी कोरोना नियमों को गंभीरता से नहीं ले रही है।
इंदौर/ मध्य प्रदेश की आर्थिक नगरी इंदौर में कोरोना के मामले एक बार फिर रफ्तार पकड़ने लगे हैं। ऐसे में प्रदेश की शिवराज सरकार जिला प्रशासन से चर्चा कर एक बार फिर यहां नाइट कर्फ्यू लगाने की तैयारी कर रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी में मसरूफ सत्ता धारी दल (BJP) चुनावी बिसात जमाने की गरज से कोरोना नियमों की तक परवाह नहीं कर रहा। नतीजतन, रविवार को आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में काफी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान न तो सोशल डिस्टेंस का पालन किया गया और न ही सभी चहरों पर मास्क नजर आए। फिलहाल, सीएम शिवराज से चर्चा के बाद जिला प्रशासन आज रात तक नाइट कर्फ्यू पर फैसला ले सकता है।
क्या हैं जिले के हालात?
आपको बता दें कि, पिछले 24 घंटों के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने शहर में 2657 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिये। इनमें से 161 लोग संक्रमित भी पाए गए हैं। इस हिसाब से जिले में अब तक कुल 60 हजार 720 लोग संक्रमण का शिकार हो चुके हैं। जबकि, 24 घंटों के भीतर 2 संक्रमितों की मौत भी हुई है। इस हिसाब से जिले में अब तक मृतकों की कुल संख्या 935 पर जा पहुंची है। मौजूदा हालात पर गौर करें, तो शहर में एक्टिव मरीजों तादाद तेजी से बढञने लगी है। फिलहाल जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 1395 है, जिन्हें क्वारंटीन कर उपचार किया जा रहा है।
एक बार फिर ट्रेवल हिस्ट्री की हो रही जांच
वहीं, शहर में नए स्ट्रेन के 6 मरीजों के मिलने के बाद प्रदेश सरकार के कान खड़े हो गए है। आनन फानन में आदेश जारी हुए, जिसके बाद प्रशासन को एक बार फिर संक्रमित मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री खंगालने का काम मिल गया है। केंद्र से भी इंदौर के 11 लोगों की सूची भेजी गई है। इन लोगों ने पिछले 20 दिनों में संक्रमित पाए गए लोगों के साथ यात्रा की थी। इनमें से पांच लोग इंदौर के ही निवासी हैं, जबकि बाकी 6 लोग धार, खरगोन के साथ अन्य शहरों में भी रहते हैं। इनके सैंपल भी जीनोम सिक्वेंसिंग की जांच के लिए भेजे गए हैं।
रूलिंग पार्टी ही उड़ा रही सरकारी निर्देशों की धज्जियां
फिलहाल, एक बार कोरोना के मामलों में तेजी आने की वजह से प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। कलेक्टर मनीष सिंह पहले ही नियमों की गाइडलाइन जाी कर चुके हैं। साथ ही साथ, शहर में होने वाले सभी बड़े आयोजनों को आगामी आदेश तक निरस्त किया जा चुका है। बावजूद इसके निगम चुनाव के लिए भाजपा द्वारा कार्यकर्ता सम्मेलन कराया गया। सम्मेलन में भारी तादाद में कार्यकर्ता शामिल हुए, लेकिन चिंता इस बात की है कि, इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां की तो उड़ी हीं। वहीं, ज्यादातर लोग बिना मास्क में ही नजर आए। खैर, भगवान से प्रार्थना है कि, इस वजह से शहर को किसी विकराल परिणाम से न गुजरना पड़े।
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