इंदौर

शिक्षकों के लिए आई बुरी खबर, शासन ने सुनाया ऐसा फरमान कि मच जाएगा हडक़ंप

- गायब रहने वाले शिक्षकों का अटैचमेंट होगा खत्म, तैयार होगी सूची- बच्चों के कॅरियर से खिलवाड़ करने वालों को देंगे वीआरएस- शासन ने मांगी शिक्षकों की जानकारी
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Aug 23, 2019
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इंदौर. स्कूल में शैक्षणिक कार्य नहीं करने और अन्य जगह अटैचमेंट करवाकर विभाग से गायब रहने वाले शिक्षकों की जानकारी शिक्षा विभाग ने तलब की है। ऐसे शिक्षकों का अटैचमेंट खत्म होगा। सूची तैयार कर पढ़ाई में रुचि नहीं रखने वाले शिक्षकों को वीआरएस दिया जाएगा। शासन के इस फरमान के बाद शिक्षकों के बीच हडक़ंप की स्थिति बन सकती है।

स्कूलों में पदस्थ होने के बाद भी अटैचमेंट के नाम पर ऐश करने वाले शिक्षकों की अब खैर नहीं है। बच्चों के कॅरियर से खिलवाड़ करने वाले शिक्षकों को बख्शा नहीं जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश देकर ऐसे शिक्षकों की जानकारी 24 अगस्त तक मंगवाई गई है। बीएलओ सहित अन्य कार्यों के लिए दूसरे विभागों में अटैचमेंट के नाम पर गायब रहने वालों पर कार्रवाई होगी।

शिक्षकों के गैरशैक्षणिक कार्य पर रोक लगाने के साथ ही अटैचमेंट भी समाप्त कर दिया गया है। ऐसे लापरवाह शिक्षक, जो 50 वर्ष उम्र या 20 साल की नौकरी पूरी कर चुके हैं, उन्हें आवश्यक सेवानिवृत्ति देने पर विचार किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र मकवानी ने बताया, अटैचमेंट लेकर दूसरा कार्य करने वालों की जानकारी एकत्र कर जल्द शासन को भेजी जाएगी।

अगले सप्ताह जारी हो सकते हैं शिक्षक पात्रता परीक्षा के परिणाम

8 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद मध्यप्रदेश में पीईबी ने शिक्षक भर्ती के लिए पात्रता परीक्षा फरवरी-मार्च 2019 में कराई थी, लेकिन अब तक इसके परिणाम नहीं घोषित किए। 2 माह से लगातार बेरोजगार अभ्यर्थी जल्द परिणाम घोषित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

अभ्यर्थियों ने परिणाम नहीं आने की स्थिति में अगले माह भोपाल में बड़े आंदोलन की भी तैयारी की है। पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी और जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा से भी मुलाकात कर परीक्षा परिणाम घोषित करने की मांग की थी। हाल में कुछ अभ्यर्थी पीईबी के नियंत्रक भदौरिया से मिले, जिन्होंने अगले सप्ताह परिणाम घोषित करने का आश्वासन दिया है।

Published on:
23 Aug 2019 01:30 pm