Indore-Ujjain Greenfield Expressway: कलेक्टर के साथ हुई बैठक में किसानों की सबसे बड़ी चिंताओं मुआवजा, रास्तों की बंदी और कनेक्टिविटी पर चर्चा हुई....
Indore-Ujjain Greenfield Expressway: इंदौर-उज्जैन के बीच प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को लेकर जारी किसान आंदोलन के बीच अब प्रशासन की ओर से राहत के संकेत मिले हैं। कलेक्टर ने प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उनकी प्रमुख मांगों पर आश्वासन दिया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जिन 8 गांवों की गाइडलाइन दर के आधार पर मुआवजा कम आंका है, उसे बढ़ाया जाएगा।
कलेक्टर के साथ हुई बैठक में किसानों की सबसे बड़ी चिंताओं मुआवजा, रास्तों की बंदी और कनेक्टिविटी पर चर्चा हुई। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि एक्सेस कंट्रोल रोड के समानांतर पूरी लंबाई में सर्विस रोड बनाई जाएगी, जिससे खेतों और गांवों तक आवागमन प्रभावित न हो। इसके साथ ही प्रमुख सड़कों पर एक्सेस देने की भी बात कही है। तय हुआ है कि सांवेर-देपालपुर रोड और सांवेर-चंद्रावतीगंज रोड आवागमन की सुविधा दी जाएगी, ताकि कनक्टिविटी बनी रहे।
ग्रीनफील्ड रोड परियोजना के तहत पितृपर्वत से उज्जैन तक एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है। परियोजना में कुल 28 गांवों की जमीन अधिगृहीत की जा रही है। इनमें 19 गांव सांवेर तहसील, 7 गांव हातोद तहसील और 8 गांव उज्जैन जिले के शामिल हैं। करीब 650 किसानों की जमीन इस परियोजना की जद में आ रही है।
अब तक किसानों का आरोप रहा है कि उन्हें गाइडलाइन रेट का केवल दोगुना मुआवजा दिया जा रहा है। जहां गाइडलाइन लगभग 6 लाख रुपए है, वहां 12 लाख रुपए का प्रस्ताव है, जबकि वास्तविक बाजार मूल्य एक करोड़ से डेढ़ करोड़ रुपए तक बताया जा रहा है। इसी को लेकर किसानों ने कई बार आंदोलन किया।
लंबाई और लागत: लगभग 48.10 किमी लंबा और अनुमानित लागत 2,935 करोड़।
यात्रा समय: मौजूदा 1-1.5 घंटे के बजाय केवल 30 मिनट।
कनेक्टिविटी: इंदौर एयरपोर्ट से सीधे महाकाल मंदिर (उज्जैन) तक पहुंच।
संरचना: एक्सेस-कंट्रोल्ड फोर लेन, दोनों तरफ सर्विस लेन, 34 अंडरपास, 2 फ्लाईओवर, 1 आरओबी।
लाभ: सिंहस्थ 2028 के लिए महत्वपूर्ण, पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र को कनेक्टिविटी, स्थानीय रोजगार के अवसर।