इंदौर

Heavy Rain: पेचवर्क पर 20 करोड़ खर्च, फिर भी छलनी, एमपी में पहली बार इस राजस्थानी टेक्नीक से बनेंगी सड़कें

Heavy Rain: निगम अफसरों का मानना है कि यह पद्धति टिकाऊ है और राजस्थान सहित कई राज्यों में इसका उपयोग होता है। मप्र में पहली बार इंदौर में इस तरीके से काम होगा।

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Jul 28, 2024

Heavy Rain: शहर में उखड़ी सड़कों का पेचवर्क हाई परफॉर्मेंस पॉलिमर कांक्रीट से करने के लिए नगर निगम ने टेंडर जारी कर दिए हैं। टेंडर फाइनल होते ही काम शुरू होगा। निगम अफसरों का मानना है कि यह पद्धति टिकाऊ है और राजस्थान सहित कई राज्यों में इसका उपयोग होता है। मप्र में पहली बार इंदौर में इस तरीके से काम होगा।

जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि बारिश में हुए गड्ढे भरने के लिए मेटल पेचवर्क किया जा रहा है। इसमें ईमल्शन/डामर का उपयोग हो रहा है। गड्ढों में जल जमाव होने से हादसा न हो, इसलिए दिन-रात काम करने के निर्देश दिए हैं। निगमायुक्त ने कहा है कि तीन दिन में पूरे शहर में पेचवर्क कर लिया जाए।

पेचवर्क में हर साल 20 करोड़ खर्च

वर्तमान में गड्ढों को ईमल्शन, डामर या बारीक गिट्टी से भरा जाता है, लेकिन थोड़ी ही बारिश में सड़क फिर उखड़ जाती है और गिट्टी के सड़क पर फैलने से ज्यादा घातक हो जाती है। निगम ने हाई परफॉर्मेंस पॉलिमर कांक्रीट पद्धति के लिए 90 लाख से 1 करोड़ तक के टेंडर जारी किए हैं। इस पद्धति से तेज बारिश या जल जमाव जैसे हालत में भी रोड की मरम्मत की जा सकेगी। पेचवर्क पर निगम हर साल 20 करोड़ रुपए तक खर्च करता है। शहरभर में सड़कें खुदी पड़ी हैं।

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Updated on:
28 Jul 2024 02:59 pm
Published on:
28 Jul 2024 02:39 pm
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