MP News: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट पर विभाग समन्वय के साथ कार्रवाई करें....
MP News: हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने राज्य में बिना वैध प्रदूषण अनुमति (Valid pollution permit) के संचालित औद्योगिक इकाइयों के मामले को गंभीर मानते हुए मुख्य सचिव को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट पर विभाग समन्वय के साथ कार्रवाई करें। अगली सुनवाई 9 फरवरी को सरकार को जवाब पेश करना होगा।
न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला एवं न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने कहा, यह प्रकरण जल और वायु प्रदूषण निवारण अधिनियम के खुले उल्लंघन से जुड़ा है, जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि पहले जारी नोटिस में मुख्य सचिव, विभाग के प्रमुख सचिवों ने जवाब नहीं दिया, जबकि केवल पीसीबी ने ही रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, जिन इकाइयों की अनुमति समाप्त हो चुकी है, उनमें बड़ी संख्या में अस्पताल, क्लीनिक, खनन इकाइयां और स्टोन क्रशर हैं। इनमें से अधिकांश रेड और ऑरेंज श्रेणी की इकाइयां हैं। 4877 इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई प्रारंभ है। 4256 को नवीनीकरण, 2556 को बंद करने के नोटिस दिए गए है। अभी बिना वैध अनुमति 4877 इकाइयां संचालित हो रही हैं।
बीते दिनों पहले ही जिला प्रशासन ने ट्रांसपोर्ट नगर स्थित मैकेनिक नगर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना लाइसेंस संचालित पानी की फैक्ट्री का खाद्य कारोबार बंद करा दिया था। कार्रवाई के दौरान मौके से 7 हजार लीटर पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर और लगभग 57 हजार 650 रुपये मूल्य का पानी सील किया गया। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इंदौर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मिलावटखोरी की शिकायतें तुरंत दर्ज कराएं ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।