'दीवार' पर खड़ा हुआ बवाल
इंदौर/ मध्य प्रदेश की आर्थिक नगरी इंदौर में चल रहे मास्टर प्लान के काम के दौरान गलती से दीवार घर की दीवार गिर जाना जेसीबी चालक को भारी पड़ गया। दरअसल, शगर के सरस्वती और कान्ह नदी को जोड़ने वाले जवाहर मार्ग से पागनीसपागा तक बनने वाली 24 मीटर चौड़ी रिवर साइड रोड निर्माण के लिए शनिवार को निगम की टीम मार्ग के बीच में आने वाली चीजों को हटा रही थी। इस दौरान हादसे में एक दीवार गिर जाने पर लोगों ने विरोध शुरु कर दिया, जो अचानक ही इतना बड़ गया कि, रहवासियों ने पत्थरबाजी शुरु कर दी। घटना में जेसीबी चालक को चोट आई है।
लोगों ने किया इस बात का विरोध
निगम की टीम जेसीबी और पोकलेन की मदद से खाली हुए बाधक निर्माणों को जमींदोज करने का कार्य कर रही थी। हालांकि, कई लोगों द्वारा कार्रवाई का समर्थन करते हुए प्रशासनिक अमले की मदद स्वरूप खुद ही मकान तुड़वाने जैसे कार्य में जुटे हुए थे। इस दौरान जेसीबी की टक्कर से एक दीवार ढह गई, जिसकी चपेट में एक घर आ गया। इस पर लोगों ने यह कहते हुए पथराव शुर कर दिया कि, जब हम खुद ही मकान तोड़ने में मदद कर रहे हैं, तो फिर जेसीबी दीवारों को क्यों ढहा रही है। पथराव में जेसीबी चालक घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए भेजा गया। हालांकि, मामला शांत होने के बाद एक बार फिर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मास्टर प्लान से 282 परिवार प्रभावित, घायल जेसीबी ड्राइवर
निगम अधीक्षण यंत्री बीआर लाेधी के मुताबिक, जवाहर मार्ग से चंद्रभागा तक मास्टर प्लान की 24 मीटर चौड़ी सड़क है। लंबे समय से इसकी प्लानिंग जारी थी। निगम आयुक्त ने इसमें तेजी दिखाते हुए काम को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिये हैं। इसकी चौड़ाई 24 मीटर और लंबाई 380 मीटर है। यहां करीब 282 परिवार प्रभावित हो रहे थे, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान आवंटित किये गए हैं। यहां से करीब 75 परिवार नए घर में शिफ्ट भी किये जा चुके हैं। अन्य भी प्रक्रियात्मक तौर पर शिफ्ट कर दिये जाएंगे।
पूर्व और पश्चिमी इंदौर को जोड़ेगी सड़क
ये शहर के बड़े इलाके का ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिहाज से जरूरी फैसला है। क्योंकि, पूरे शहर के ट्रैफिक की लाइफ लाइन जवाहर मार्ग ही माना जाता है। इसी से पूर्वी और पश्चिमी इंदौर के लोग आवागमन करते हैं। ये रोड तैयार होने से कलेक्टोरेट से एमजी रोड के बीच चौड़ी सड़क तैयार हो जाएगी। इससे लोगों को पंढरीनाथ या राजबाड़ा जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे सीधे एमजी रोड पर आ सकेंगे। इससे मध्य क्षेत्र के ट्रैफिक को भी राहत मिलेगी।