
Indore crime news:मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में बीते दिन दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां पर डाक विभाग में पदस्थ महिला पोस्टल असिस्टेंट के पति ने पत्नी की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि सुबह बच्चों के स्कूल जाने के बाद सनकी पति ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। चाकू से महिला के शरीर पर गंभीर वार किए गए हैं। घबराई बेटी ने नाना, मौसा को फोन पर जानकारी दी। परिवार मौके पर पहुंचा तब पता चला कि पति फरार है। पूरे समय परिवार विलाप करता रहा। परिवार के सदस्यों ने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
घटना के बाद 12 साल की बेटी प्रेक्षा ने बताया, सगाई के बाद से ही पिता मां से लड़ते आ रहे हैं। मां से कहते थे कि शनिवार को ड्यूटी पर क्यों जाती है। वहां जाकर तुम फोन पर बात करती होगी और फिर मारपीट करते थे। मां को मोबाइल पर इंटरनेट चालू नहीं करने देते थे। मां ड्यूटी से घर आती तो मोबाइल चेक करते थे। मां के मोबाइल से जुड़े वाट्सऐप को पिता ने अपने मोबाइल पर लिंक किया था। पहले भी बहुत खतरनाक तरीके से लड़ाई कर चुके थे, लेकिन आज जो हुआ ये नहीं होना था।
मां को पिता ने बेरहमी से मारा है। उनके शरीर से त्वचा तक बाहर आ गई थी, दांत टूटे थे, मुंह से खून निकल रहा था। शुक्रवार रात को पिता ने नॉनवेज ऑर्डर किया था। खुद ने खाया और हमको भी अपने हाथ से खिलाया था। मां ने सुबह जो कपड़े पहने थे उन्हीं में वह हमें खून से लथपथ मिली। पूरे समय बेटी प्रेक्षा और छोटा भाई मां को याद कर रोते रहे। परिवार के सदस्य उन्हें संभाल रहे थे। बेटी की स्कूल की ड्रेस भी खून से लथपथ हो गई थी। दोनों बच्चे पढ़ने में होशियार है। बेटी क्लास की टॉपर और हेड भी है।
बेटी ने बताया, पिता ही मां को ऑफिस छोड़ने और लेने जाते थे। उनके स्कूटर पर घूमते थे। बेटी की हत्या से दुखी पिता सत्यनारायण मालाकार ने कहा, वह मूलत: खंडवा के गणेश तलाई कांकड़ के रहने वाले हैं। यहां वह बेटी पूजा और दामाद के साथ तेजाजी नगर स्थित घर पर रहते हैं। पत्नी द्वारका भी साथ है। बेटी उर्मिला को याद कर पिता रोते हुए कहने लगे कि दामाद अखिलेश ने उसे बहुत परेशान किया। जब बेटी भोपाल में पदस्थ रही तो वहां भी तंग करता था। बेटी का ट्रांसफर कुछ वर्ष पहले इंदौर हुआ तो यहां भी उसे परेशान करने लगा।
घटना शहर की डाककुंज कॉलोनी की है, यहां ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाली उर्मिला सैनी (38) की हत्या कर दी गई। उर्मिला डाक विभाग में पोस्टल असिस्टेंट थीं। घटना का पता शनिवार दोपहर को उस समय चला जब उर्मिला के दोनों बच्चे स्कूल से वापस लौटे। बच्चों ने घर में मां का शव देखा और नाना को फोन कर सूचना दी। बच्चों के रोने की आवाज सुनकर आस-पड़ोस के लोग घर में पहुंचे और फिर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।