
Indore news:मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में नवरात्र में एक अस्पताल ने अनूठी पहल की। यहां पर अस्पताल ने फैसला लिया है कि नवरात्र के नौ दिन में अगर बेटी जन्म लेगी तो पूरी डिलीवरी फ्री होगी। डिस्चार्ज होने तक अस्पताल प्रबंधन खुद सारा खर्च उठाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि यहां पर चार दिन में तीन बेटियों ने जन्म लिया है। अस्पताल प्रबंधक ने तो यहां तक घोषणा कर दी कि आजीवन ये योजना जारी करेगी। ये पहल राऊ के मैक्स हिल मल्टीस्पेश्यलिटी हॉस्पिटल ने की है। अस्पताल का संचालन डॉ. गायत्री चौधरी करती हैं।
उनका कहना है कि बचपन से ही बेटियों के प्रति उनका प्रेम असीम है। पिताजी अशोक कुमार जाट शिक्षक थे, उन्होंने समाज में विरोध की परवाह ना करते हुए मुझे मेडिकल की पढ़ाई कराई। माताजी कुसुम घरेलू महिला थी जो बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देती थीं। जबलपुर में पढ़ाई करते समय से ठान लिया कि अपने जीवन में बच्चियों को आगे बढ़ाने में जुटी रहेंगी। पति डॉ. जयेश के साथ सालभर पहले अस्पताल शुरू किया जिसका उद्देश्य कमाई नहीं सेवा है। ओपीडी में नाम मात्र की फीस ली जाती है और कई बार जरूरतमंद महिलाओं को छूट दी जाती है।
डॉ. गायत्री के मुताबिक मेरे मन में आया था कि नवरात्र में जितनी भी बेटियां होंगी उनके परिजनों से कोई फीस नहीं ली जाएगी। मैंने जैसे ही अपने पति से यह आइडिया शेयर किया उन्होंने तुरंत ही लागू करने की बात कही। उनकी स्वीकृति के बाद हमने तय किया कि नार्मल डिलेवरी हो या ऑपरेशन से डिलेवरी हो हम नवरात्र में जन्म लेने वाली बेटी के परिवार से कोई फीस नहीं लेंगे। अब ये तय किया है कि जब तक मां-बच्ची को डिस्चार्ज नहीं किया जाता। उसके टीके का पैसा भी नहीं लिया जाएगा। ये पहल अब आजीवन जारी रहेगी।
उऩका कहना है कि इस काम के पीछे हमारा उद्देश्य ये है कि बेटी के जन्म पर परिवार को आर्थिक चिंता के बजाय खुशियां मनाने का अवसर मिले। बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में देखा जाना चाहिए और समाज में उनके प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना जरूरी है। हम चाहते हैं कि इस छोटी-सी पहल से दूसरे लोग भी प्रेरित हों और बेटियों के स्वागत के लिए आगे आएं। हमारे लिए यह सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि बेटी के जन्म को सम्मान देने और परिवार की खुशी में सहभागी बनने का प्रयास है।