
imtiaz ali in indore: हिंदी सिनेमा के जाने-माने निर्देशक इम्तियाज अली इंदौर पहुंचे। इस दौरान वे हालिया रिलीज फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' के शो के बाद दर्शकों से मिले और उनके विचार जाने। इसके साथ ही शहर के ऐतिहासिक धरोहर के रूप में पहचाने जाने वाले डेली कॉलेज पहुंचे और वहां कि इमारतों को देख उन्होंने इंदौर कि इस धरोहर की प्रशंसा की।
''फिल्म में भले ही कितना भी ड्रामा, इमोशन, एक्शन या संस्पेस हो कोई भी फिल्म बगैर प्यार के कहानी की पूरी नहीं हो सकती है। मैं तो जिंदगी भी प्यार के बिना अधूरी ही मानता हूं।''-इम्तियाज अली, डायरेक्टर
पत्रिका के एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने (imtiaz ali) लव स्टोरी के एंगल पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अब तक की मेरी हर एक फिल्म में लव स्टोरी शामिल है। भले ही वह पुराने दौर की हो या वर्तमान दौर की। प्रेम कहानी का अपना स्थान होता है।
ऐसा नहीं है कि हमेशा हम एक ही दिशा में आगे बढ़ें। कई बार दिशा के विपरीत जाने में भी भलाई होती है। मुझे ऐसा लगता है कि ट्रेंड के विपरीत जाने में भी समझदारी और चतुराई है। इससे हमें बहुत कुछ सीखने और समझने को भी मिलता है।
मैं कभी फिल्मों का चुनाव नहीं करता हूं। जैसे हमें किसी भी कार्य के लिए किस्मत चुनती है, वैसे ही फिल्म का विषय भी मुझे चुनता है। इससे मैं खुश हूं। मुझे ऐसा लगता है कि जो सब्जेक्ट मुझे मिला है, उससे मुझे पूरी तरह न्याय करना ही चाहिए।
पंजाब हमेशा से ही मेरे दिल के करीब रहा है। इसलिए जब वी मैट से लेकर अब तक कई फिल्मों में पंजाब शामिल हो ही जाता है। यहां कि मिट्टी की कहानी अकसर मेरे मन को छू जाती है। फिल्म चमकीला के दौरान और उससे पहले कई फिल्मों की स्टोरी लाइन मुझे पंजाब से ही मिली।
पंजाब में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान कई ऐसे लोगों से मुलाकात हुई, जो कि बंटवारे का दंश झेल चुके थे। ऐसे लगभग 100 परिवारों से मैं मिला। उनकी कहानियां सुनीं। ऐसी कहानियां मेरे दिल को छू गईं। फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' की कहानी में एक 95 वर्षीय बुजुर्ग आज भी उस समय में अपने प्यार को महसूस करता नजर आता है।