
Indore Green Corridor: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में देर रात 66वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। एक ब्रेन डेड युवक के अंगों को जरूरतमंद मरीजों के लिए दान कर दिया गया। ब्रेन डेड शख्स के अंगों से कई मरीजों को नई जिंदगी मिली है। बता दें कि खरगोन के विजय जायसवाल के अंगों को ट्रांसप्लांट किया गया है।
दरअसल 15 फरवरी को सड़क हादसे के बाद विजय जायसवाल विशेष ज्यूपिटर अस्पताल में भर्ती थे। जहां बुधवार को डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। परिजनों की सहमति के बाद विजय के अंगदान का फैसला लिया गया। यहां पत्नी, भाई और बेटे ने भी मानवता की मिसाल पेश की।
परिजनों की सहमति के बाद विजय के हार्ट अहमदाबाद के जरूरतमंद मरीज को भेजने की तैयारी की गई। इसके लिए विशेष जूपिटर अस्पताल से एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। जहां से रात 10.37 बजे अस्पताल से निकली टीम और 1.52 बजे एयरपोर्ट पहुंची। विजय का दिल पहले एयरपोर्ट फिर अहमदाबाद पहुंचाया गया है।
इसी तरह विजय की किडनी और लिवर को इंदौर के अस्पतालों में ही भर्ती जरूरतमंद मरीजों के लिए दान किया गया। जिसके बाद डॉक्टर्स ने इन मरीजों में किडनी, लीवर ट्रांसप्लांट किए। एक किडनी चोइथराम अस्पताल, तो दूसरी जूपिटर अस्पताल के एक मरीज को ट्रांसप्लांट की गई। जबकि चोइथराम अस्पताल के लिए अलग से ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। 11.15 बजे शुरू बनना शुरू हुआ ये कॉरिडोर 6 मिनट में पूरा हो गया।
विजय का लीवर विशेष ज्युपीटर अस्पताल में भर्ती मरीज को ट्रांसप्लांट किया गया। लीवर ट्रांसप्लांट की यह प्रक्रिया देर रात तक चली।