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चंबल के बाद ये नदी बन रही घड़ियालों का नया घर, 53 बच्चों को छोड़ने की तैयारी

MP News: भारतीय चीतों के लिए जिस तरह एक घर कूनो नेशनल पार्क में है और दूसरा गांधी साग अभयारण्य में है, अब एमपी के घड़ियालों को भी चंबल के बाद दूसरे घर में बसाने की तैयारी है। जानें कहां होगा 53 बच्चों का नया घर

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MP News Ghadiyal will be released in this river

MP News Ghadiyal will be released in this river(photo:freepik)

MP News: देशभर में घड़ियालों की सबसे बड़ी आबादी राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य में पाई जाती है। जहां हालिया गणनाओं के मुताबिक 2000 से ज्यादा घड़ियाल दर्ज किए गए हैं। तीन राज्यों, मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश की सीमाओं में फैले इस अभ्यारण्य के घड़ियालों के लिए मध्यप्रदेश में ही अब दूसरा ठिकाना भी तैयार है। जल्द ही इस नये घर में मुरैना स्थित देवरी घड़ियाल केंद्र से लाकर यहां शिफ्ट किए जाने की तैयारी है। 21 फरवरी को सीएम मोहन यादव इस क्षेत्र का दौरा करेंगे। यहां जानें कहां बसाया जाने वाला है घड़ियालों का नया घर..

चीता लैंड में शुरू होने वाला है घड़ियाल मिशन

अब तक चीता लैंड से मशहूर हुआ श्योपुरके कूनो नेशनल पार्क अब घड़ियालों के लिए भी जाना जाएगा। कूनो में जैव विविधता को और मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ये पहल कर रही है। इसे ध्यान में रखते हुए मुरैना से लाए घड़ियालों के 53 बच्चों को यहां लाया जाएगा और कूनो के बीचोंबीच स्थित कूनो नदी में छोड़ा जाएगा। इससे कूनो का जलीय इको सिस्टम एक नए दौर में प्रवेश करेगा।

यहां आपको बताते चलें कि घड़ियालों की सबसे अधिक आबादी और सुरक्षित आबादी वाला हिस्स मुरैना के चंबल बेल्ट में ही माना जाता रहा है। यही वजह है कि देवरी घड़ियाल केंद्र भी मुरैना में ही स्थापित है। ऐसे में देखना होगा कि क्या कूनो भी घड़ियालों की आबादी और सुरक्षा के लिहाज से एक सुरक्षित ठिकाना बन पाएगा?

कहां रिलीज होंगे घड़ियाल?

कूनो नेशनल पार्क के बीच बहने वाली कूनो नदी में घड़ियालों के 53 बच्चों को छोड़ा जाएगा।

कहां से लाए जाएंगे घड़ियाल

घड़ियालों के ये बच्चे मुरैना स्थित चंबल बैल्ट के देवरी घड़ियाल केंद्र से कूनो नदी में ट्रांसलोकेट किए जाएंगे।

घड़ियाल क्यों जरूरी?

एसएफआरआई वैज्ञानिक अनिरूद्ध मजूमदार कहते हैं कि घड़ियाल नदी के शीर्ष जलीय शिकारी हैं। ये मछलियों की आबादी को संतुलित रखते हैं और नदी के इको सिस्टम को स्वस्थ बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

कूनो में क्या बदलेगा?

चीता प्रोजेक्ट के बाद अब जलीय जैव विविधता बढ़ाने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे कूनो का इको सिस्टम मजबूत होगा। यही सबसे सकारात्मक और उम्मीदों से भरा बदलाव होगा।

21 फरवरी को सीएम करेंगे दौरा

बता दें कि सीएम मोहन यादव 21 फरवरी को श्योपुर के दौरे पर रहेंगे। वे यहां कूनो नेशनल पार्क में प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले यहां आ रहे हैं। 28 फरवरी को चीता प्रोजेक्ट के अगले चरण में बोत्सवाना 8 चीते लाए जा रहे हैं। सीएम मोहन यादव इन्हें कुनो में चीतों के लिए तैयार बाड़े में छोड़ेंगे। उम्मीद की जा रही है कि घड़ियालों को भी इसी दिन कूनो नदी में रिलीज किया जाएगा।

सीएम के दौरे से पहले बुधवार को कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कूनो पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टक वर्मा ने कूनो नेशनल पार्क में घड़ियाल रिलीज साइट का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 21 फरवरी को कूनो के प्रस्तावित आगमन को लेकर की जा रही तैयारियों की समीक्षा की गई और विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कूनो में स्थित हेलीपेड स्थल का जायजा भी किया।

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