
Indore news: ट्रेन सुरंग के भीतर हो और अचानक आग लग जाए या धुआं उठे तो यात्रियों को सुरक्षित निकालना बड़ी चुनौती होती है। ऐसी आपात स्थिति से निपटने के लिए इंदौर-दाहोद रेल लाइन की निर्माणाधीन टनल में रेस्क्यू सॉफ्ट तैयार किया जा रहा है। सुरक्षित जगह के साथ इमरजेंसी टेलीफोन, ऑक्सीजन सपोर्ट और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं रहेंगी। जरूरत पडऩे पर यात्रियों को लिफ्ट की मदद से बाहर निकालने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है यानी संकट के समय यात्रियों को सिर्फ बचाव दल के पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इंदौर से धार के बीच रेल कनेक्टिविटी के लिहाज से यह टनल अहम है। करीब 3 किलोमीटर लंबी इस टनल का निर्माण अंतिम दौर मे है। ट्रैक का काम पूरा होने के बाद अब शेष हिस्से में काम आगे बढ़ाया जा रहा है। टनल का निर्माण पूरा होने के बाद यहां रेल संचालन की दिशा में काम आगे बढ़ सकेगा।
टनल में यात्रियों की सुरक्षा के लिए 29 मीटर के विशेष रेस्क्यू सॉफ्ट की व्यवस्था की जा रही है। इसमें लिफ्ट के साथ सीढिय़ा भी रहेंगी। इस सॉफ्ट में इमरजेंसी फोन, प्राथमिक उपचार, ऑक्सीजन सपोर्ट और यात्रियों के ठहरने की सुविधा होगी। आपात स्थिति में इसका इस्तेमाल यात्रियों को सुरक्षित रखने और जरूरत पडऩे पर बाहर निकालने के लिए किया जा सकेगा। टनल में आग या धुआं फैलने की स्थिति में यात्रियों के लिए सुरक्षित स्थान और निकासी की व्यवस्था अहम होगी।
इसके अलावा भूकंप जैसी आपदा को ध्यान में रखते हुए टनल के निर्माण में सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा जा रहा है। बारिश या पानी भरने की स्थिति से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम भी तैयार किया जा रहा है। रेलवे जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार टनल के मध्य सॉफ्ट का निर्माण कार्य किया जा रहा है। अभी इसका निर्माण अंतिम दौर में है।
इंदौर-दाहोद रेललाइन से यात्रियों को आवागमन के नए विकल्प मिलने के साथ पीथमपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्र को भी फायदा होने की उम्मीद है, लेकिन टनल में रेल संचालन शुरू करने से पहले सुरक्षा इंतजामों का पूरा होना भी जरूरी है। रेस्क्यू सॉफ्ट की क्षमता, आपात स्थिति में एक साथ कितने यात्रियों को सुरक्षित रखा जा सकेगा और लिफ्ट बंद होने पर निकासी कैसे होगी, ये व्यवस्थाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगी।