इंदौर

इंदौर में कुत्ते को लेकर भड़का बवाल, BJP विधायक से जुड़े नेता पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज

Indore dog feeding dispute: कुत्ते को खाना खिलाने को लेकर हुए हिंसक बवाल में भाजपा विधायक मालिनी गौड़ से जुड़े वीरेंद्र शैडगे (Veerendra Shedge) सहित सात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया।
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Updated: 8 Jun 2026, 3:23 PM IST
Indore dog feeding dispute case registered against bjp leader virendra shedge
case registered against bjp leader virendra shedge over violence in indore (फोटो-Patrika.com)

BJP Leader Virendra Shedge: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के उषा नगर क्षेत्र में कुत्ते को खाना खिलाने को लेकर शुरू हुआ विवाद (Indore dog feeding dispute) दो दिनों में हिंसक टकराव में बदल गया। भाजपा विधायक मालिनी गौड़ से जुड़े भाजपा नेता वीरेंद्र शैडगे और उनके पड़ोसी पक्ष के बीच हुए विवाद में कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर वीरेंद्र शैडगे सहित सात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। वही अगले ही दिन शैडगे और उनके सहयोगी के घर तथा कार्यालय पर हुए कथित हमले और पथराव ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

विवाद ने लिया हिंसक रूप, 150 लोग आमने-सामने

शनिवार को विवाद इतना बढ़ गया था कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और मारपीट से कई लोगों को चोटें आई। पुलिस के अनुसार उस समय करीब 150 लोग क्षेत्र में आमने सामने थे। एसीपी शिवेंदु जोशी ने बताया कि शनिवार रात हुए विवाद के बाद दोनों पक्षों को थाने लाया गया था। रात में भाजपा नेता एकलव्य सिंह गौड़ भी समझाइश के लिए थाने पहुंचे थे प्रारंभिक स्तर पर मामला शांत हो गया था, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद रविवार सुबह एक पक्ष की महिला की शिकायत पर पुलिस ने भाजपा नेता वरिंद्र शैडगे, शानू दीघे सहित सात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया।

एफआइआर में भाजपा विधायक के सहायक का नाम शामिल

एफआइआर में विधायक मालिनी गौड़ के निजी सहायक प्रणय का नाम भी आरोपियों की सूची में शामिल बताया जा रहा है। हालांकि प्रणय ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर बताया कि वे पिछले 24 घंटे से बाहर हैं। उचित पटल पर बात रखेंगे। पुलिस के मुताबिक घायल चेतन और उसके साथियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया था, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया। बताया जा रहा है कि घायल पक्ष के कुछ लोग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हैं।

केस के बाद घर और दफ्तर पर पुलिस के सामने ही पथराव

रविवार दोपहर करीब 2 बजे उषा नगर स्थित वीरेंद्र शैडगे के घर और कार्यालय पर कथित रूप से करीब 50 लोगों ने हमला कर दिया। इस दौरान पथराव व तोड़फोड़ की घटना हुई। घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें पुलिस बल के सामने ही कुछ लोग लाठी और पत्थरों से तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद नरेंद्र तिवारी मार्ग स्थित शानू दीचे के घर के बाहर खड़ी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। परिजनों के अनुसार घटना के दौरान शानू दीधे की मां की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

दूसरे पक्ष पर घर में घुसकर हमले का आरोप

शानू दीघे ने आरोप लगाया कि चेतन पाटिल, श्रेयस परमवीर राठौर मितेश, धीरज और उनके साथियों ने घर में घुसकर हमला किया। विवाद की शुरुआत को लेकर भी वोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। शैडगे पक्ष का आरोप है कि शनिवार रात पहले उन पर हमला किया गया था, जिसके बाद विवाद बढ़ा।

शाम तक थाने में जुटे दोनों पक्षों के समर्थक

देर शाम तक शेडगे के समर्थन में लोग थाने के बाहर मौजूद रहे। पुलिस ने बताया कि रोडगे और उनके साथियों की ओर से भी घर में तोड़‌फोड़, मारपीट और हमले को लेकर आवेदन दिया गया है। पुलिस चोनों घटनाओं की जांच कर रही है और क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही।

शैडगे को चार नंबर के प्रभारी पद से हटाया

इंदौर, रविवार को संघ आगे आया और मामले में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल तक शिकायत पहुंच गई। वीरेंद्र पहले भी विवाद में रह चुके हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ कस भी वर्ज किया। प्रवेश नेतृत्व से मिले निर्देश के बाद स्थानीय भाजपा इकाई सक्रिय हुई। शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने शैडगे को विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 4 के प्रभारी पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही कारण बताओं नोटिस जारी करते हुए 3 विन में स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है।

अन्यथा पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित किया जा सकता है। पूर्व में भाजपा नेता वीरेंद्र शेडगे का महू नाका चौराहा पर ट्रैफिक पुलिस से रोकने को लेकर विवाद हो गया था। उनका आरोप था कि पुलिसकर्मी ने उन्हें थप्पड़ मारा था। इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता महू नाका चौराहा पर एकत्रित हो गए थे। विवाव के बाद चक्का जाम कर दिया गया था। टीआई और संबंधित ट्रैफिक पुलिसकर्मी को थाने से हटाने के बाद मामला शांत हुआ था।

Updated on:
8 Jun 2026, 3:23 PM IST
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