Indore Fire Tragedy: हादसे में आठ वर्षीय तनय की मौत सबसे अधिक दर्दनाक रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग के बीच हुए सिलेंडर ब्लास्ट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मासूम का शरीर क्षत-विक्षत हो गया।
Indore Fire Tragedy: तिलक नगर थाना क्षेत्र के एक कारोबारी के घर में भड़की आग ने खुशियों को मातम में बदल दिया। इस भीषण हादसे ने न केवल आठ जिंदगियां छीन लीं, बल्कि पीछे छोड़ गया है ऐसा मंजर जिसे देख रेस्क्यू दल से लेकर डॉक्टरों तक की रूह कांप गई। सबसे हृदय विदारक स्थिति आठ वर्षीय मासूम तनय की रही, जिसकी मौत की भयावहता ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है।
हादसे में आठ वर्षीय तनय की मौत सबसे अधिक दर्दनाक रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग के बीच हुए सिलेंडर ब्लास्ट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मासूम का शरीर क्षत-विक्षत हो गया। उसका सिर धड़ से अलग हो गया और हाथ-पैर दूर जा गिरे। अस्पताल लाते समय शरीर के अंगों को एक छोटी सी पोटली में समेटना पड़ा। बाद में छोटे बॉक्स में रखा गया। अधिकारियों के अनुसार, कई अंग अब भी लापता हैं। आशंका है कि वे या तो पूरी तरह खत्म हो गए या मलबे में ही कहीं दबे रह गए।
हादसे में मारे गए सभी लोगों की मृत्यु केवल जलने से नहीं हुई है। 65 वर्षीय विजय सेठिया, एक 12 वर्षीय बालक और एक महिला का शरीर बहुत कम जला है। प्रारंभिक चिकित्सा अनुमानों के अनुसार, मृत्यु दम घुटने और फेफड़ों में जहरीला धुआं भरने से हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते बाहर निकाल लेते तो इनकी जान बचाई जा सकती थी।
रेस्क्यू के लिए पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि घर के भीतर के दृश्य चीख-चीखकर संघर्ष की कहानी बयां कर रहे थे। एक महिला और पुरुष का शव दरवाजे के पास मिला। माना जा रहा है कि उन्होंने छत की ओर भागकर जान बचाने का अंतिम प्रयास किया होगा, लेकिन लपटों और धुएं के गुबार ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया।
पड़ोसी महेंद्र जैन ने बताया कि मनोज पुगलिया जिंदादिल इंसान थे। वे हर त्योहार कॉलोनीवासियों के साथ मनाते थे। होली भी उन्होंने सभी के साथ मनाई थी। वे सभी की मदद के लिए खड़े रहते थे। उनके बेटे, पत्नी को हमने हमारे घर के आंगन में टेबल और उस पर सीढ़ी रखकर उतारा। बाद में फायर ब्रिगेड कर्मचारी उनकी छत पर पहुंचे। पता चला कि चैनल गेट पर ताला लगा है और परिवार के सदस्य अंदर फंसे हैं। मनोज की केन पॉवर और ओसवाल इंडस्ट्रीज नाम से पीथमपुर में कंपनी थी। न्यू सियांगज में दफ्तर था, जिसे वे बेटों के साथ मिलकर चलाते थे। वे मूलत: सादलपुर (राजस्थान) के रहने वाले थे। धमाके से अन्य घर में क्रैक आए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर लिखा कि इंदौर में कार चार्जिंग से हुई दुर्घटना से नई चुनौती सामने आई है। इसकी गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को व्यवस्थित जांच के निर्देश दिए हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने की दिशा में हम कार्य करेंगे।