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इंदौर अग्निकांड ने खोल दी सच्चाई, एक्सपर्ट्स ने चेताया EV चार्जिंग में जरा सी चूक जानलेवा

Indore Fire Tragedy: मध्य प्रदेश के इंदौर अग्निकांड में EV चार्जिंग में जरा सी लापरवाही इतनी भारी पड़ी कि एक ही परिवार के 8 लोग जिंदा जल गए। दर्दनाक हादसे के बाद ऑटोपार्ट्स एक्सपर्ट्स ने बताया EV चार्जिंग के दौरान कौन सी गलतियां न करें और कैसे रहें सेफ

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Indore Fire Tragedy big Lesson

Indore Fire Tragedy big Lesson(photo:patrika Creative)

Indore Fire Tragedy: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने देश-प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि EV चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से ताक में आग लगी फिर आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि EV चार्जिंग को लेकर गंभीर लापरवाही का बड़ा संकेत है। गलत वायरिंग, कम बिजली लोड और सस्ते चार्जर के साथ ही 100 प्रतिशत तक बैटरी चार्ज करना कितना भारी पड़ सकता है।

कम बिजली लोड भी बन सकता है खतरा

इंदौर के ऑटोपार्ट्स एवं ईवी चार्जिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई लोग अपने घर की सामान्य वायरिंग और 15 एम्पियर सॉकेट से EV चार्ज करते हैं, लेकिन यह हर घर के लिए सुरक्षित नहीं होता। अगर घर की वायरिंग पुरानी हो या पतली हो. तो 2-3 किलोवॉट का लोड झेलते-झेलते तार गर्म हो सकते हैं। यही हीट शॉर्ट सर्किट का कारण बन सकती है।

एक लाइन भी खतरनाक

यदि EV को उसी लाइन में जोड़ा गया है, जिसके जरिए फ्रिज, एसी या गीजर जैसे उपकरण भी चल रहे हैं, तो ओवरलोडिंग का खतरा दोगुना हो जाता है।

बैटरी को 100 नहीं 80 फीसदी ही करें चार्ज

ऑटो एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि EV को बार-बार 100 फीसदी तक चार्ज रखना जरूरी नहीं है। इसे 80 फीसदी ही चार्ज करना न केवल बैटरी की लाइफ बढ़ाता है, बल्कि ओवर हीटिंग का जोखिम भी कम करता है। लगातार फुल चार्जिंग से बैटरी पर दबाव बढ़ता है और हादसे का खतरा भी दोगुना हो सकता है।

ढीले सॉकेट, खराब अर्थिंग, लोकल-सस्ते चार्जर सबसे बड़ा रिस्क

सस्ते या लोकल चार्जर और एक्सटेंशन बोर्ड का इस्तेमाल EV के लिए बेहद खतरनाक माना गया है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि EV चार्जिंग से कभी भी समझौता न करें। केवल कंपनी द्वारा दिए गए चार्जर ही उपयोग में लें। वहीं हाईक्वालिटी वायर का ही इस्तेमाल करें। इसके साथ ही ध्यान दें कि ढीले सॉकेट, खराब अर्थिंग और लोकल एक्सेसरीज अक्सर गर्म होकर पिघलने लगते हैं। जिससे आग लगने की आशंका बढ़ जाती है।

इंदौर हादसे ने खोली सच्चाई

इंदौर में हुए इस हादसे में भी EV चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट ने अग्निकांड को जन्म दिया और पलक झपकते ही वह विकराल हो गया। घर में रखे गैस सिलेंडरों ने आग को भयानक बना दिया। इससे लोगों को बचकर निकलने का मौका तक नहीं मिला।

सरकार भी अलर्ट पर

इस हादसे के बाद सरकार ने EV चार्जिंग के लिए नई गाइडलाइऩ जारी करने और SOP बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

EV भविष्य जरूर है, लेकिन लापरवाही के साथ नहीं, एक छोटी सी गलती भी जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए EV चार्जिंग को स्मार्ट से ज्यादा सेफ होने की जरूरत है।