इंदौर

महाराष्ट्र में दौड़ी ट्रेन, MP में जमीन के फेर में अटकी इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन, 4 जिलों से ली जाएगी भूमि

Indore-Manmad rail line: महाराष्ट्र में इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना का काम रफ्तार पकड़ चुका है, लेकिन मध्यप्रदेश में जमीन अधिग्रहण की अड़चन बनी हुई है।
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Aug 26, 2026
indore-manmad rail line project land acquisition delay
Indore Manmad Railway Project: MP में जमीन के फेर में अटका इंदौर-मनमाड़ रेल प्रोजेक्ट (फोटो सोर्स- Patrika)

Indore-Manmad rail line land acquisition: दो साल पहले इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना की घोषणा की थी। महाराष्ट्रीय में 10 किमी का ट्रैक बनकर तैयार हो गया है जिस पर गाड़ी भी दौड़ गई तो बाकी काम तेज रफ्तार से चल रहा है। वहीं, बात करे मध्य प्रदेश की तो यहां पर प्रोजेक्ट जमीन अधिग्रहण की प्रति या में ही उलझा हुआ है। इंदौर जिले में जहां निजी, सरकारी और वन भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है तो खरगोन में काम अच्छा चल रहा है।

सितंबर 2024 में इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में तत्कालीन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वर्चुअली शामिल हुए थे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में परियोजना की घोषणा की गई थी। इसके बाद परियोजना को विशेष रेल परियोजना का दर्जा भी मिल चुका है। इसके बावजूद मप्र में निर्माण कार्य शुरू होने में देरी हो रही है। खास चिंता वन भूमि को लेकर है। इंदौर में करीब 15 हेक्टेयर वन भूमि रेलवे को लेना है, जिसके लिए रेलवे ने हाल ही में वन विभाग को आवेदन किया है।

खरगोन में सबसे आगे जमीन अधिग्रहण

मध्यप्रदेश के चार जिलों में जमीन अधिग्रहण की स्थिति देखें तो खरगोन सबसे आगे है। यहां धारा 20-ए के तहत नोटिफिकेशन का प्रकाशन हो चुका है। यह प्रक्रिया जमीन अधिग्रहण से जुड़ी आपत्तियों के निराकरण के बाद आगे बढ़ती है। अब खरगोन में केवल महेश्वर क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया बाकी है। इसके पूरा होते ही खरगोन मध्यप्रदेश का पहला ऐसा जिला होगा, जहां परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके मुकाबले बड़वानी, धार और इंदौर जिलों में अभी काफी जमीन का अधिग्रहण बाकी है।

यहां ट्रैक बिछाने का काम तेज

महाराष्ट्र के धुले से नरडाना सेक्शन में करीब 14 किमी के हिस्से में से 10 किमी ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो चुका है। इस पर रेलवे की ट्रेन भी पहुंच चुकी है। रेलवे ने इस हिस्से का काम अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। धुले से नीमखेड़ी के बीच चल रहे अन्य काम को 2027-28 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

जमीन अधिग्रहण सबसे बड़ा खर्च

इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना की पहली घोषणा वर्ष 2018-19 में हुई थी। उस समय इसकी प्रारंभिक लागत करीब 493 करोड़ रुपए बताई गई थी। समय के साथ इसमें काफी वृद्धि हुई है। परियोजना में जमीन अधिग्रहण के लिए करीब 574 करोड़ रुपए का प्रावधान बताया गया है।

बड़वानी में सबसे ज्यादा जमीन की जरूरत

खरगोन: 36.84 हेक्टेयर निजी 15.64 हेक्टेयर सरकारी 31.17 हेक्टेयर वन भूमि

बड़वानी: 378.39 हेक्टेयर निजी 133.394 हेक्टेयर सरकारी 46.88 हेक्टेयर वन भूमि

धार: 177 हेक्टेयर निजी 31.88 हेक्टेयर सरकारी 18.37 हेक्टेयर वन भूमि

इंदौर: 132.89 हेक्टेयर निजी 15.13 हेक्टेयर सरकारी करीब 15 हेक्टेयर वन भूमि

Updated on:
26 Aug 2026 03:36 pm
Published on:
26 Aug 2026 03:36 pm