
Idore-Depalpur road: इंदौर-देपालपुर रोड, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)
Indore news: इंदौर-देपालपुर सड़क को फोरलेन बनाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने मंगलवार को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश की 12 सड़कों के लिए करीब 4600 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की गई जिसमें ये सड़क भी शामिल है। इसको लेकर विधायक मनोज पटेल लंबे समय से प्रयास कर रहे थे। ये सड़क मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमपीआरडीसी) लगभग 700 करोड़ में बनाएगा।
लंबे समय से सड़क के चौड़ीकरण और फोरलेन निर्माण की मांग चल रही थी। मौजूदा सड़क पर कई स्थानों पर यातायात का दबाव और दुर्घटना संभावित हिस्से हैं। फोरलेन बनने के बाद इन हिस्सों में सड़क की चौड़ाई बढऩे के साथ यातायात का दबाव भी व्यवस्थित होगा। इससे इंदौर से देपालपुर के बीच आवागमन आसान और सुरक्षित होने की उम्मीद है।
इंदौर-देपालपुर मार्ग पर कई जगह सड़क की बनावट और घुमाव के कारण दुर्घटनाएं होती रही हैं। फोरलेन बनने के बाद ऐसे हिस्सों को नए अलाइनमेंट के साथ सुधारने की योजना है। खासकर यशवंत सागर क्षेत्र में सड़क को सीधे मिर्जापुर फांटे की ओर ले जाने का विकल्प इन दुर्घटना संभावित हिस्सों को खत्म करने में अहम हो सकता है। अब मंजूरी के बाद एमपीआरडीसी को आगे की तकनीकी और निर्माण प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
पूरे प्रोजेक्ट में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यशवंत सागर क्षेत्र का है। वर्तमान सड़क यशवंत सागर डैम के ऊपर से गुजरती है। फोरलेन निर्माण में यहां नए ब्रिज की जरूरत होगी। प्रारंभिक स्तर पर एक विकल्प यह सामने आया है कि जिस हिस्से से सागर का पानी छोड़ा जाता है, उसी क्षेत्र के आसपास नया ब्रिज बनाया जाए और सड़क को सीधे मिर्जापुर फांटे की ओर जोड़ा जाए। इस विकल्प से मौजूदा सड़क के घुमावदार हिस्से को कम करने के साथ निर्माण लागत घटने की संभावना भी है। डेम को बाइपास कर सडक बनाई जाएगी। अधिकारियों के स्तर पर सड़क की अंतिम अलाइनमेंट और ब्रिज की स्थिति तय की जानी बाकी है।
बालाघाट क्षेत्र प्रदेश में सिवनी-बालाघाट मार्ग अब दो लेन से चार लेने का होने जा रहा है। 91.64 किलोमीटर के इस मार्ग का निर्माण किया जाएगा। इस रोड को अब हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल पर तैयार किया जाएगा। इस सड़क निर्माण में खर्च होने वाली राशि में से 704 करोड़ 38 लाख रुपए की राशि राज्य बजट के जरिए और बाकी 60 फीसदी राशि यानी 2253 करोड़ 39 लाख रुपए 15 सालों तक हर छह माह में ब्याज के साथ एन्युटी के रूप में व्यय की जायेगी।
Updated on:
26 Aug 2026 01:39 pm
Published on:
26 Aug 2026 01:39 pm
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