Indore-Manmad Rail Line Project: इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई 309 किलोमीटर है, परियोजना की कुल लागत 18036.25 करोड़ रूपये है, यह परियोजना मध्य प्रदेश के प्रमुख जिलों को महाराष्ट्र के जिलों से जोड़ेगी।
Indore-Manmad Rail Line Project: मध्यप्रदेश के इंदौर से महाराष्ट्र के मनमाड़ तक बनने वाली बहुप्रतीक्षित नई रेल लाइन के प्रोजेक्ट को सेंट्रल रेलवे ने वर्ष 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। लेकिन अब इस प्रोजेक्ट में बड़ा अडंगा आने से तय समय सीमा में पूरा ट्रैक बिछाकर रेल लाइन शुरू करने का काम दूर की कोड़ी नजर आ रही है। दरअसल इंदौर जिले में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया ही शुरू नहीं हुई है, ऐसे में प्रोजेक्ट जमीन पर कैसे उतरेगा।
सूत्रों के मुताबिक इंदौर जिले में फिलहाल किसानों की जमीनों के अधिग्रहण को लेकर सर्वे का दौर चल रहा है, लेकिन कई गांवों में इसका विरोध भी शुरू हो गया है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी आपत्तियों और दावों पर सुनवाई नहीं हो जाती तब तक सर्वे नहीं किया जाना चाहिए। हाल ही में एक गांव में सर्वे के लिए पहुंची टीम को ग्रामीणों ने वापस लौटा दिया था। बताया जा रहा है कि परियोजना के गजट नोटिफिकेशन के बाद 18 गांवों के करीब 200 किसानों ने एसडीएम न्यायालय में लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं। 17 मार्च को बड़ी संख्या में किसान सुनवाई के लिए पहुंचे थे। कई किसानों ने स्वयं तो कई ने वकीलों के माध्यम से आपत्तियां लगाई थीं। किसानों का आरोप है कि अब तक उनकी सुनवाई नहीं हुई और न ही कोई स्पष्ट निराकरण किया गया है। इसी वजह से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
इंदौर-मनमाड़ रेलवे लाइन केंद्र सरकार की प्राथमिक परियोजनाओं में शामिल है और इसकी सीधे मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी सिलसिले में हाल ही में एक विशेष दल इंदौर पहुंचा। यहां रेलवे के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई, जिसमें इंदौर से लेकर मनमाड़ तक के संबंधित अफसर मौजूद रहे। बैठक में जमीन अधिग्रहण, निर्माण कार्य और सर्वे की प्रगति पर चर्चा की गई।
दूसरी ओर महाराष्ट्र में इस परियोजना की रफ्तार तेज दिखाई दे रही है। वहां करीब 50 किलोमीटर क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और कई हिस्सों में ट्रैक बिछाने की तैयारी चल रही है। रेलवे अधिकारियों का दावा है कि महाराष्ट्र में काम तय समय सीमा के अनुसार आगे बढ़ रहा है। गौरतलब है कि इंदौर-मनमाड़ रेलवे लाइन पूरी होने के बाद इंदौर को मुंबई पोर्ट से सीधी और तेज रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे माल परिवहन आसान होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।