
Indore News :मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर से धर्मनगरी उज्जैन और औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर को जोड़ने के लिए मेट्रो प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो चुकी है। कुछ बदलाव के साथ नई रिपोर्ट शासन को भेजने की तैयारी है। अगले चरण में देवास समेत मेट्रोपॉलिटन रीजन में आने वाले आसपास के शहरों को भी जोड़ा जा सकता है। पीथमपुर से इंदौर होकर उज्जैन और देवास की तरफ ट्रैक बनेगा जो वाय (Y) शेप में नजर आएगा। जल्द ही इसका प्रस्ताव शासन और कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।
मेट्रो विस्तार में ट्रैक का डिजाइन भी खास रखा गया है। इसे वाय-शेप ले-आउट दिया जाएगा। घनी आबादी वाले हिस्सों में मेट्रो को भूमिगत और बाहरी इलाकों में एलिवेटेड कॉरिडोर पर चलाया जाएगा। योजना के अनुसार, लवकुश चौराहे से बड़ा गणपति होते हुए राजेंद्र नगर तक मेट्रो भूमिगत चलेगी। इसके बाद राजेंद्र नगर से पीथमपुर की ओर जाने वाला मार्ग एलिवेटेड होगा। वहीं, एबी रोड के पास ट्रैक दो दिशाओं में बंटेगा। एक लाइन महू और दूसरी पीथमपुर की ओर जाएगी।
मेट्रो के पहले चरण में सुपर कॉरिडोर से विजय नगर और आगे खजराना से भूमिगत कॉरिडोर का प्रावधान है। इस हिस्से के बजट को लेकर अभी निर्णय होना बाकी है। वहीं सुपर कॉरिडोर से शहीद पार्क के बीच तैयार एलिवेटेड कॉरिडोर में मेट्रो ट्रेन चलाने के लिए मंत्रालय की औपचारिक मंजूरी का इंतजार है। मंजूरी मिलने के बाद इस हिस्से में संचालन शुरू किया जा सकेगा।
इंदौर मेट्रो के तीसरे चरण के विस्तार पर भी काम शुरू हो गया है। प्रस्तावित रूट में राजेंद्र नगर से आंबेडकर नगर (महू), सिरपुर से गलोंदा, पीपल्याहाना से होते हुए बिचौली मर्दाना तक मेट्रो कनेक्टिविटी देने की योजना है। अधिकारियों के अनुसार इस चरण पर करीब 300 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर की लागत के हिसाब से काम प्रस्तावित है। इसका प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। मंजूरी के बाद डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
इंदौर - उज्जैन - पीथमपुर मेट्रो कॉरिडोर की करीब 84 किलोमीटर लंबी योजना में कुछ बदलाव किए गए हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने संशोधित डीपीआर तैयार कर ली है। अब इसे शासन के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री के सामने भी प्रस्ताव रखा जाएगा। मंजूरी मिलने पर परियोजना के अगले चरण की प्रक्रिया शुरू होगी।
मेट्रो कॉरपोरेशन पूरे मेट्रोपॉलिटन रीजन को जोडऩे की दिशा में काम कर रहा है। इसमें देवास सहित आसपास के प्रमुख शहरों को मेट्रो नेटवर्क से जोडऩे की संभावनाएं देखी जा रही हैं। उद्देश्य है कि, इंदौर के साथ जुड़े शहरों के बीच तेज और सुगम सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित हो और आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय स्तर पर मेट्रो का एकीकृत नेटवर्क तैयार किया जा सके।