
मंगला एक्सप्रेस में 50 बच्चों की बिगड़ी तबीयत (फोटो सोर्स : Input)
Khandwa News : दिल्ली से केरल लौट रहे स्कूली बच्चों से भरी मंगला एक्सप्रेस में शुक्रवार रात अचानक करीब 50 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों ने चक्कर आने के साथ उल्टी-दस्त की शिकायत की। फूड पॉइजनिंग की जानकारी मिलने पर ट्रेन के मध्य प्रदेश के खंडवा पहुंचने से पहले ही स्वास्थ्य विभाग की टीम स्टेशन पर पहुंच गई। रात करीब 9.47 बजे प्लेटफार्म नंबर पांच पर ट्रेन रुकते ही बच्चों को नीचे उतारकर प्राथमिक उपचार दिया गया।
प्राथमिक उपचार दिए जाने के बाद बच्चों को वापस ट्रेन में बैठा दिया गया। यही नहीं, रेलवे के डॉक्टर भुसावल तक बच्चों के साथ भी गए, ताकि बीच में किसी तरहकी समस्या आने पर बच्चों को बीच के किसी भी शहर में उतारकर क्षेत्र के अस्पताल में उचित उपचार भी कराया जाता। इस दौरान पहले से ही रास्ते में पड़ने वाले अस्पतालों को अलर्ट भी कर दिया गया था। हालांकि, भुसावल तक सभी बच्चे स्वस्थ्य रहे, जिसके चलते भुसावल से डॉक्टरों के दल ने उन्हें आगे के लिए रवाना कर दिया।
केरल के त्रिस्सूर जिले के एक स्कूल के करीब 80 बच्चे टूर पर दिल्ली गए थे। दिल्ली से स्कूल के शिक्षक और स्टाफ के साथ सभी बच्चे मंगला एक्सप्रेस (12618) से त्रिस्सूर लौट रहे थे। बच्चों और शिक्षकों का कहना है कि यात्रा के दौरान उन्होंने पेंट्रीकार का ही खाना खाया था। इटारसी स्टेशन पार करने के बाद अचानक करीब 50 बच्चों की तबीयत खराब होने लगी। बच्चों को चक्कर आने के साथ उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी, जिससे ट्रेन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बच्चों की तबीयत खराब होने की सूचना रेलवे अधिकारियों को दी गई। इसके बाद खंडवा स्टेशन पर स्वास्थ्य विभाग को भी जानकारी दी गई। ट्रेन के पहुंचने से पहले ही सीएमएचओ ओपी जुगतावत, जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल सहित डॉक्टरों की टीम के अलावा नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव बारंगे भी पुलिसकर्मियों के साथ स्टेशन पहुंच गए थे। ट्रेन के रुकते ही प्रभावित बच्चों को उतारकर डॉक्टरों ने उनकी जांच की और प्राथमिक उपचार दिया। इस दौरान एसडीएम, आरपीएफ और जीआरपी थाने का पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।
सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल ने बताया कि करीब 50 बच्चों ने चक्कर और उल्टी-दस्त की शिकायत की थी। रेलवे के डॉक्टर भी मौके पर मौजूद थे। सभी बच्चों का प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद उन्हें ट्रेन में वापस बैठा दिया गया। रेलवे के डॉक्टर बच्चों के साथ भुसावल तक गए हैं। वहां उनकी स्थिति पर नजर रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जाएगा।
Updated on:
29 Aug 2026 08:19 am
Published on:
29 Aug 2026 08:19 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
