Indore- पूरा मालवा समाएगा इंदौर महानगर में, करीब आधा दर्जन रेलवे जंक्शन भी होंगे शामिल
Indore एमपी की तस्वीर जल्द ही बदलनेवाली है। प्रदेश में दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं जिनमें कई जिलों को शामिल किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत इंदौर को भी महानगर का रूप दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने अब इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का और विस्तार करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में इंदौर के विकास के लिए यह अहम फैसला लिया गया। सीएम ने कहा कि इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में अब पूरा मालवा जुड़ेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इंदौर देश के अग्रणी महानगरों में शामिल हो जाएगा।
इंदौर के ब्रिलियेंट कन्वेशन सेंटर में इंदौर और उसके विस्तृत मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई बड़े निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर को विकास की अनेक सौगातें दीं। इस मैराथन बैठक में अधोसंरचनात्मक विकास को नई गति देने के लिए कई अहम निर्णय हुए। इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का विस्तार कर 14000 वर्ग किमी करने पर भी सहमति बनी।
इंदौर के विकास को नई गति देने के लिए आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में मेट्रोपॉलिटीन रिजन के अलावा शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, यातायात, उद्योग, शिक्षा, पूर्व एवं पश्चिमी बायपास, इकॉनामिक कारिडोर, स्थानीय परिवहन, आईटी, पर्यटन और मास्टर प्लान से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने अहम सुझाव दिए।
मेट्रो परियोजना के रूट पर बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। मूल प्रस्ताव संशोधित होने के बाद भी समस्याएं बनी रहने पर सुझाव आया कि इसके मुख्य हिस्से को पूरी तरह भूमिगत किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे मंजूर कर लिया। उन्होंने बताया कि मेट्रो का प्रमुख हिस्सा भूमिगत करने के लिए राज्य सरकार 800–900 करोड़ रुपए देगी।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण जल्द प्रारंभ कराने को कहा। एलिवेटेड कॉरिडोर के जंक्शन, रोटरी, लंबाई आदि पर तकनीकी व जनप्रतिनिधियों की बैठक कर अंतिम डिज़ाइन तय करने के निर्देश दिए। बैठक में बीआरटीएस हटने के बाद शहर में नए वैज्ञानिक ट्रैफिक सर्वे के आधार पर एकीकृत ट्रैफिक प्लान तैयार करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में भविष्य की दृष्टि से इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। इसमें उज्जैन, देवास, धार, रतलाम, नागदा, बदनावर और शाजापुर–मक्सी क्षेत्रों के साथ करीब 14000 वर्ग किलोमीटर में विस्तार करने पर सहमति बनी। इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में एक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और उज्जैन व रतलाम के भविष्य के एयरपोर्ट जोड़े जाएंगे। इस प्रकार प्रस्तावित इंदौर महानगर में कुल तीन एयरपोर्ट समाहित हो जाएंगे।
इतना ही नहीं, 5 बड़े रेलवे जंक्शन भी जुड़ेंगे। दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे, दिल्ली–मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, इंदौर–मनमाड़ रेल लाइन को आधार बनाकर इंदौर को देश का बड़ा व्यापार–उद्योग–पर्यटन हब बनाने की योजना है।