MP News: सीएम मोहन यादव के निर्णय के बाद क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिली है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इसे किसान हित में लिया गया फैसला बताया।
MP News:इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड फोरलेन सड़क (Indore-Ujjain greenfield fourlane Road) को अब एलिवेटेड बनाने के बजाय जमीनी स्तर पर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्णय के बाद क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिली है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इसे किसान हित में लिया गया फैसला बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया है। सड़क ऊंचाई पर बनाने से इंदौर, सांवेर और उज्जैन के करीब 30 गांवों के सैकड़ों किसान प्रभावित हो रहे थे।
उनका कहना था कि सड़क अधिक ऊंची बनने से खेतों में पानी भरने की समस्या आएगी और गांवों के बीच आने-जाने का रास्ता बाधित होगा। मंत्री सिलावट ने समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा। इसके बाद भोपाल में किसानों और मुख्यमंत्री के बीच चर्चा हुई। किसानों की मांग थी कि सड़क जमीन स्तर पर बनाने के साथ उचित मुआवजा दिया जाए। चर्चा के बाद सीएम ने सड़क को जमीनी स्तर पर बनाने का निर्णय लिया।
मप्र सड़क विकास निगम के माध्यम से करीब 2935.15 करोड़ की लागत से यह परियोजना तैयार की गई है। लगभग 48 किमी लंबी फोरलेन सड़क इंदौर और उज्जैन के बीच बनाई जाएगी। परियोजना के तहत करीब 203.649 हेक्टेयर भूमि अधिगृहीत की जा रही है। सांवेर विधानसभा क्षेत्र के करीब 20 गांवों के लगभग 600 परिवार और करीब 20 हजार लोग इस परियोजना से प्रभावित हो रहे हैं। मंत्री सिलावट के अनुसार यह फोरलेन परियोजना न केवल क्षेत्र के विकास को गति देगी, बल्कि सिंहस्थ 2028 के लिए भी आधार तैयार करेगी।
ग्रीन फील्ड फोरलेन सड़क निर्माण को लेकर प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण भी शुरू कर दिया गया है। गुरुवार को कुछ किसान रेसीडेंसी कोठी पहुंचे और कलेक्टर शिवम वर्मा से मुलाकात कर संतुष्टि जताई। उन्होंने साफा पहनाकर कलेक्टर का धन्यवाद किया। एसडीएम घनश्याम धनगर के अनुसार किसानों को अधिकतम लाभ दिलाने के लिए बिक्री छांट प्रक्रिया अपनाई है, ताकि बाजार दर के अनुरूप मुआवजा तय हो सके। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुल 626 करोड़ 49 लाख 76 हजार 436 रुपए की मुआवजा राशि स्वीकृत की गई है। इससे 662 खातेदार और परिवार लाभान्वित होंगे। (MP News)