
Indore Urmila Saini Murder Case: इंदौर के संयोगितागंज थाना क्षेत्र अंतर्गत निवासी डाक विभाग में पदस्थ महिला पोस्टल असिस्टेंट के पति ने शनिवार दिन में नृशंस हत्या कर दी। सुबह बच्चों के स्कूल जाने के बाद सनकी पति ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। चाकू से महिला के शरीर पर गंभीर वार किए गए हैं। घबराई बेटी ने नाना, मौसा को फोन पर जानकारी दी। परिवार मौके पर पहुंचा तब पता चला कि पति फरार है। पूरे समय परिवार विलाप करता रहा। परिवार के सदस्यों ने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मनोरमागंज स्थित डाककुंज कॉलोनी में हत्या की सूचना पर संयोगितागंज एसीपी, टीआइ केपी यादव टीम के साथ पहुंचे। यहां पता चला कि सरकारी निवास में रहने वाली पोस्टल असिस्टेंट अधिकारी उर्मिला (42) पति अखिलेश सैनी की हत्या हुई है। उनका शव घर के लिविंग रूम में खून से लथपथ पड़ा था। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने पाया कि बड़ा और वजनी चाकू से महिला पर पति अखिलेश सैनी ने कई वार किए हैं। गला, बाजू, मुंह, सीने व अन्य जगह चाकू से वार हुए हैं। जब पुलिस पहुंची तो शव अकड़ा मिला। संभवत: सूचना के तीन से चार घंटे पहले वारदात हुई थी।
जांच में सामने आया है कि आरोपी पत्नी पर शक करता था। वह वारदात के बाद अपनी बेटी के स्कूल भी गया था। वहां से पुलिस उसके सीसीटीवी फुटेज निकालेगी। आरोपी किस दिशा में भागा है। इस संबंध में जांच जारी है।
पिता सत्यनारायण मालाकार ने बताया, वे अपनी छोटी बेटी पूजा और उनके पति के साथ तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में रहते हैं। बेटी देपालपुर में जनपद पंचायत सीईओ है। हमें दोपहर करीब 1 बजे नातिन प्रेक्षा (12) का फोन आया। उससे मिली जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे। प्रेक्षा ने परिवार और पुलिस को बताया, सुबह 9.30 बजे पिता मां के स्कूटर से स्कूल पहुंचे। उन्होंने बताया कि तुम्हारी मां और मुझे जरूरी काम से दो दिन के लिए भोपाल जाना है। इसलिए तुम स्कूल से छुट्टी मिलने के बाद ऑटो से अपनी मौसी पूजा के घर चले जाना। अपने साथ भाई को भी ले जाना।
मैं स्कूटर स्कूल में रख रहा हूं। पिता ने मां का गोल्ड नैकलेस, अन्य सामान और एटीएम कार्ड देकर कहा कि इसमें 5 लाख रुपए से अधिक राशि है। फोन स्विच ऑफ करके दिया था। बेटी ने बताया कि जब छु्ट्टी हुई तो उन्होंने सोचा कि दो दिन मौसी के घर रहना है तो जरूरी कपड़े भी साथ ले जाऊ। वह अपने भाई को स्कूटी पर बैठाकर घर पहुंची तो बाहर से कुंडी लगी मिली। घर में अंदर तेज आवाज में टीवी चल रही थी। संदेह हुआ कि घर में कोई है तो नहीं। अचानक लिविंग रूम के फर्श पर नजर गई। वहां मां खून से लथपथ थी। बेड पर चाकू पड़ा था। बेटी कहती रही कि मां जिंदा है उन्हें कुछ नहीं हुआ।
बेटी प्रेक्षा ने बताया, सगाई के बाद से ही पिता मां से लड़ते आ रहे हैं। मां से कहते थे कि शनिवार को ड्यूटी पर क्यों जाती है। वहां जाकर तुम फोन पर बात करती होगी और फिर मारपीट करते थे। मां को मोबाइल पर इंटरनेट चालू नहीं करने देते थे। मां ड्यूटी से घर आती तो मोबाइल चेक करते थे। मां के मोबाइल से जुड़े वाट्सऐप को पिता ने अपने मोबाइल पर लिंक किया था। पहले भी बहुत खतरनाक तरीके से लड़ाई कर चुके थे, लेकिन आज जो हुआ ये नहीं होना था।
मां को पिता ने बेरहमी से मारा है। उनके शरीर से त्वचा तक बाहर आ गई थी, दांत टूटे थे, मुंह से खून निकल रहा था। शुक्रवार रात को पिता ने नॉनवेज ऑर्डर किया था। खुद ने खाया और हमको भी अपने हाथ से खिलाया था। मां ने सुबह जो कपड़े पहने थे उन्हीं में वह हमें खून से लथपथ मिली। पूरे समय बेटी प्रेक्षा और छोटा भाई मां को याद कर रोते रहे। परिवार के सदस्य उन्हें संभाल रहे थे। बेटी की स्कूल की ड्रेस भी खून से लथपथ हो गई थी। दोनों बच्चे पढ़ने में होशियार है। बेटी क्लास की टॉपर और हेड भी है।
बेटी ने बताया, पिता ही मां को ऑफिस छोड़ने और लेने जाते थे। उनके स्कूटर पर घूमते थे। बेटी की हत्या से दुखी पिता सत्यनारायण मालाकार ने कहा, वह मूलत: खंडवा के गणेश तलाई कांकड़ के रहने वाले हैं। यहां वह बेटी पूजा और दामाद के साथ तेजाजी नगर स्थित घर पर रहते हैं। पत्नी द्वारका भी साथ है। बेटी उर्मिला को याद कर पिता रोते हुए कहने लगे कि दामाद अखिलेश ने उसे बहुत परेशान किया। जब बेटी भोपाल में पदस्थ रही तो वहां भी तंग करता था। बेटी का ट्रांसफर कुछ वर्ष पहले इंदौर हुआ तो यहां भी उसे परेशान करने लगा।
बुआ मंगला सुनेरी ने बताया, वह जूनी इंदौर में रहती हैं। उर्मिला को पति बहुत प्रताडि़त करता था। काफी समय तो उर्मिला मेरे साथ रही। हमने जूनी इंदौर थाने पर पति के खिलाफ शिकायत की थी, तब उसने हाथ जोड़कर माफीनामा दिया। हर बार वह माफी मांग लेता था, लेकिन इस बार उसने भतीजी की जान ले ली। उर्मिला परिवार में सबसे बड़ी बेटी थी और सबसे होशियार थी। उसी को देख कर परिवार की अन्य बेटी भी अधिकारी बनी। उर्मिला की शादी हुई तब पति प्राइवेट जॉब करता था। वह इश्र्या करते हुए उर्मिला से कहता था कि तुम्हारी सरकारी नौकरी है, मैं भी सरकारी नौकरी की तैयारी करूंगा और नौकरी छोड़ दी। इसके बाद से वह कुछ भी नहीं करता। उर्मिला का 80 हजार से अधिक वेतन था। वह दिखाने के लिए अगरबत्ती बेचने का काम करता था। पूरे समय घर पर रहता था।
रोते हुए बहनें विलाप करती रही। वह कहती रही कि हमारी बहन को वो खा गया। किस राक्षस से उसकी शादी करवा दी। बुआ कहती रही कि हम उर्मिला से कहते थे कि पति से तलाक ले लें। उर्मिला बताती थी कि पति कहता है कि अगर तलाक लिया तो तेरी बहन पर एसिड फेंक दूंगा। फिर उर्मिला कहती थी कि बच्चे बिन पिता के कैसे रहेेगे। इस वजह से वह अत्याचार सहती रही। पिता बोले कि बड़ा बेटा बुरहानपुर की शासकीय बैंक में सीनियर मैनेजर है। मैंने सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा दी। परिवार के सदस्य पूरी समय कहते रहे कि बेटी को मारने वाले को कड़ी सजा हो। इस पर कॉलोनी की महिलाएं बोली कि हम आपके साथ हैं।
टीआइ केपी यादव ने बताया, आरोपी अखिलेश फरार है। बेटी ने पूछताछ में बताया कि जब पिता स्कूल मिलने आए तो उनकी अंगुली पर चोट देखी थी। उन्हें इसके लिए टोका था, लेकिन पिता ने बात घुमा दी। डाककुंज कॉलोनी के साथ स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रहे हैं। आरोपी की तलाश में टीम लगाई है। घटनास्थल की एफएसएल अधिकारी ने जांच की है। शव का पोस्टमॉर्टम करवाएंगे।
मायके पक्ष ने बताया, बच्ची भी पिता की हरकतों से परेशान थी। वह अपनी मां की बचाने जाती तो दामाद उस पर भी हाथ उठाता। उर्मिला भोपाल में पदस्थ थी तो बेटी ने घर के पेड पर पिता के लिए लिखा था कि अब मां के साथ विवाद किया तो वह अपने आप को कुछ कर लेगी। देर तक परिजन घटनास्थल पर विलाप करते रहे। उन्हें डाककुंज के लोग ढांढस बंधाते रहे। उन्होंने आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।