Indore Water Crisis : भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त की समस्या से ग्रस्त 12 नए मरीज मिले हैं, जिसके बाद से स्वास्थ्य महकमें में हड़कंप मच गया है।
Indore Water Crisis : देश के सबसे स्वच्छ शहर और मध्य प्रदेश के आर्थिक नगर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मचे नरसंहार में जहां एक तरफ अबतक 23 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 200 से अधिक लोग अस्पताल पहुंच चुके हैं। हालांकि, इनमें से अधिकतर स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। प्रशासनिक दावों के अनुसार, 50 से ज्यादा टीमें क्षेत्र में लगातार तैनात हैं। इसी बीच क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है। सोमवार को यहां उल्टी-दस्त के 12 नए मरीज मिले हैं, जिसके बाद से एक बार फिर स्वास्थ्य महकमें में हड़कंप मच गया है।
बता दें कि, उल्टी और दस्त की समस्या से ग्रस्त 12 बीमारों में से 3 को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोमवार को 50 दलों के 182 सदस्यों ने 1657 घरों का सर्वे किया। महिलाओं एवं बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी जांच की गई। रक्तचाप, शुगर और एनीमिया की भी जांच की गई।
मामले को लेकर सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने कहा कि, इलाके के लोगों को हेल्थ कार्ड भी बांटे गए हैं, जिसमें उनके स्वास्थ्य के सूचकांकों की जानकारी का लेखा जोखा है। अभियान स्वास्थ्यवर्धन के अंतर्गत मनोचिकित्सकीय परामर्श शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें समुदाय को मानसिक रुप से स्वस्थ रहने के लिए ब्रिदिंग प्रेक्टिस और अन्य तरीके सिखाए गए।
मौजूदा समय में शहर के अलग अलग अस्पतालों में लगभग 39 मरीज भर्ती है, इनमें से 10 मरीज आईसीयू में हैं। इधऱ, क्षेत्र में भी लगातार विभाग की टीमें स्वाथ्य परीक्षण कर रही हैं। बीते तीन दिन में 12 हजार से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण स्वास्थ्य वर्धन अभियान के अंतर्गत किया गया है। 6 दिनों में 60 हजार नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। तीन दिन में अब तक 12521 नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण पूरा हुआ है। गंभीर बीमारियों की पहचान होने पर संबंधित लोगों को तुरंत उच्च स्तरीय उपचार से जोड़ा जा रहा है।
स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान डिहाइड्रेशन स्तर, एमयूएसी, पोषण स्थिति, हीमोग्लोबिन, एनीमिया, रक्तचाप, ब्लड शुगर, उच्च रक्तचाप, उल्टी-दस्त के मामलों का फालोअप, गर्भवती एवं धात्री माताओं की स्वास्थ्य स्थिति, गंभीर बीमारियां सहित अनेक महत्वपूर्ण मानकों की जांच की जा रही है।