Indore Water Crisis: पर्याप्त सप्लाई नहीं, जहां आ रहा वहां का पानी गंदा... समस्या का नहीं निकल रहा हल, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों का अंबार लगा, एमपी के इंदौर शहर में जल आपातकाल की स्थिति है, कहीं नलों में पानी नहीं, जहां आ रहा वहां गंदा-बदबूदार पानी... भागीरथपुरा को नहीं भूले लोग, सेहत को लेकर अलर्ट हुए...
Indore Water Crisis: शहर में पानी बड़ी समस्या बनता जा रहा है। कई इलाकों में लोग रोज पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। कहीं नलों में पानी नहीं आ रहा तो कहीं गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है। सीएम हेल्पलाइन में सबसे ज्यादा शिकायतें पानी से जुड़ी दर्ज हो रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार अप्रेल में पेयजल एवं नए जल कनेक्शन से संबंधित 1586 शिकायतें दर्ज हुई हैं। बड़ी संख्या में लोग या तो पानी की कमी से जूझ रहे हैं या जल कनेक्शन और सप्लाई की तकनीकी दिक्कतों से परेशान हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 258 शिकायतें दूषित, सीवेज मिले या बदबूदार पानी को लेकर दर्ज हुई हैं। कई क्षेत्रों में लोगों ने मटमैले पानी की शिकायत की है। विशेषज्ञों का कहना है कि शहर की पुरानी पाइपलाइन और लीकेज इसके प्रमुख कारण हैं।
इंदौरवासी भागीरथपुरा हादसे को भूले नहीं हैं। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी आखिर क्यों नहीं मिल पाता पीने का साफ पानी? यहां पढ़ें अंदर की कहानी... पत्रिका की ग्राउंड रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे...
चिंताजनक नगरीय विकास एवं आवास विभाग से जुड़ी अप्रेल में 5378 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 3260 लंबित हैं। यानी आधे से ज्यादा लोगों को राहत नहीं मिली है। इसमें भी 1500 शिकायतें पेयजल की हैं। रिपोर्ट के अनुसार 27 अप्रेल तक 50 दिन से ज्यादा समय से लंबित शिकायतें 5108 थीं, जो 4 मई तक 5884 हो गई। सिर्फ एक सप्ताह में 776 शिकायतें बढ़ गईं। नगरीय विकास विभाग में ही 900 से ज्यादा शिकायतें लंबित हैं। पानी की कमी के चलते कई कॉलोनियों में लोग निजी टैंकरों पर निर्भर हैं।
इंदौर. नर्मदा पाइप लाइन होने के बाद भी कम समय के लिए सप्लाय होने से कई इलाकों में पानी की कमी बनी हुई है। कई ऐसी कॉलोनियां हैं, जहां रात में टैंकर पहुंचता है जिसके कारण पानी भरने के लिए भीड़ जमा हो जाती है। वार्ड नं. 64 की कई कॉलोनियों के लोगजलसंकट से परेशान हैं। पवनपुरी कॉलोनी, तीन इमली क्षेत्र, पंवार नगर आदि में लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कई जगह नर्मदा लाइन है लेकिन पानी कम समय के लिए आता है, पूर्ति हो नहीं पाती है। इन कॉलोनियों में लोगों को टैंकर के लिए इंतजार करना पड़ता है। टैंकर की संख्या कम होने से भी परेशानी है।
नर्मदा परियोजना के कार्यपालन यंत्री प्रताप बुंदेला के मुताबिक, पानी की समस्या को देखते हुए इस समय नगर निगम 600 टैंकरों का संचालन कर रहा है। लोगों को पानी मिलने में किसी तरह की तकलीफ न हो इसका ध्यान रखते हुए टैंकरों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है।