
Cyber Fraud :मध्य प्रदेश सरकार के तमाम प्रयासों और साइबर पुलिस की लगातार कार्रवाईयों के बावजूद मध्य प्रदेश में ठगी के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सूबे के आर्थिक नगर इंदौर से सामने आया है। यहां विदेशी कंपनी से प्रतियोगी घोड़ा खरीदने के दौरान एक अंतरराष्ट्रीय महिला घुड़सवार के साथ 1.62 करोड़ रुपए की साइबर ठगी हुई।
ठगों ने ईमेल स्पूफिंग के जरिए कंपनी के संचालक के नाम से फर्जी ई-मेल भेजकर बैंक खाते की जानकारी बदल दी और खिलाड़ी से शेष भुगतान दूसरे खाते में जमा करा लिया। शिकायत मिलते ही राज्य साइबर सेल इंदौर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय करते हुए पूरी राशि रिकवर कर पीड़ित के खाते में वापस करा ली है, जिसके चलते घुड़सवार महाठगी के जाल में फंसने से बच गया है।
राज्य साइबर सेल, इंदौर के एसपी सव्यसाची सराफ ने बताया कि, इंदौर के हजेला परिवार ने शिकायत दर्ज कराई थी। परिवार की महिला सदस्य सितंबर-अक्टूबर 2026 में जापान में होने वाले एशियन गेम्स की तैयारी कर रहा है। प्रतियोगिता के लिए उसने विदेश की एक कंपनी से 'बाइडेन' नाम का घोड़ा खरीदने का अनुबंध किया था। मार्च 2026 से कंपनी के साथ वित्तीय लेन - देन चल रहा था और तय कीमत का करीब 45 प्रतिशत भुगतान कंपनी के अधिकृत खाते में किया जा चुका था।
जांच में सामने आया कि, 29 मई 2026 को खिलाड़ी को कंपनी के संचालक के नाम से मिलती - जुलती फर्जी ई-मेल आइडी से संदेश भेजा गया। ई-मेल में तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए बताया गया कि, पुराने खाते में भुगतान स्वीकार नहीं किया जा सकता और शेष राशि नए बैंक खाते में जमा करने को कहा गया। ई-मेल असली प्रतीत होने के कारण खिलाड़ी ने बताए गए खाते में 1.62 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में कंपनी से संपर्क करने पर पता चला कि, उसने बैंक खाता बदलने संबंधी कोई ई-मेल भेजा ही नहीं था। तब साइबर ठगी का खुलासा हुआ।
शिकायत मिलते ही साइबर सेल के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर डीएसपी नरेंद्र रघुवंशी के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। निरीक्षक सुरेंद्र वास्कले और उनकी टीम ने रकम जिस जेपी मॉर्गन बैंक खाते में भेजी गई थी, उसे तत्काल चिन्हित कर होल्ड कराने की कार्रवाई की। इसके बाद साइबर सेल ने आधिकारिक माध्यम से बैंक प्रबंधन के साथ कानूनी पत्राचार किया। आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद बैंक ने पूरी 1.62 करोड़ रुपए की राशि पीड़ित के खाते में वापस कर दी।
अधिकारियों के अनुसार, साइबर धोखाधड़ी के मामलों में शुरुआती कुछ घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। समय पर शिकायत मिलने और त्वरित कार्रवाई के कारण पूरी राशि सुरक्षित वापस मिल सकी। इससे खिलाड़ी की एशियन गेम्स की तैयारियों पर भी कोई आर्थिक संकट नहीं आया।
ईमेल स्पूफिंग साइबर अपराध का ऐसा तरीका है, जिसमें ठग किसी कंपनी या व्यक्ति की असली ईमेल आईडी जैसी दिखने वाली फर्जी आइडी बनाकर भुगतान या गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। पहली नजर में ईमेल असली लगता है, इसलिए कई लोग धोखे का शिकार हो जाते हैं।
-बैंक खाता बदलने संबंधी ईमेल मिलने पर संबंधित कंपनी से फोन या वीडियो कॉल पर पुष्टि करें।
-केवल ईमेल के आधार पर बड़ी रकम ट्रांसफर न करें।
-ईमेल आइडी का डोमेन और स्पेलिंग ध्यान से जांचें।
-किसी भी साइबर धोखाधड़ी की आशंका होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत करें।