इंदौर

अपने ही गढ़ इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय को किया किनारे! पार्षद-संगठन ने मंत्री के साथ बैठने से बनाई दूरी

Kailash Vijayvargiya: इंदौर विधानसभा-1 के वार्ड 7 में 'मन की बात' के दौरान भाजपा की दो तस्वीरें दिखीं। विजयवर्गीय कार्यकर्ता के घर पहुंचे, जबकि पार्षद और संगठन पदाधिकारी दफ्तर में रहे।
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Sep 28, 2026
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Kailash Vijayvargiya: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से अपने विधानसभा के पार्षदों ने बनाई दूरी (फोटो सोर्स- Kailash Vijayvargiya X Handle)

Kailash Vijayvargiya Mann Ki Baat: इंदौर के विधानसभा-1 में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'मन की बात' सुनने के दो अलग-अलग दृश्य नजर आए। खास बात यह रही कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने ही विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 7 में मौजूद थे, लेकिन स्थानीय पार्षद भावना मिश्रा, पूर्व पार्षद मनोज मिश्रा और कुछ स्थानीय संगठन पदाधिकारी उनके आयोजन में नजर नहीं आए। ये सभी पार्षद कार्यालय पर ही 'मन की बात' सुनते रहे। दूसरी ओर, मंत्री विजयवर्गीय ने इसी वार्ड के कंडीलपुरा में एक कार्यकर्ता के घर पहुंचकर कार्यक्रम सुना।

एक ही वार्ड में एक ही कार्यक्रम के लिए भाजपा नेताओं की यह अलग-अलग मौजूदगी अब स्थानीय सियासी चर्चाओं का विषय बन गई है। खासकर इसलिए क्योंकि, विधानसभा-1 को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का क्षेत्र माना जाता है और वार्ड स्तर पर उनके कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी स्वाभाविक मानी जाती है।

मंत्री कंडीलपुरा में, पार्षद कार्यालय में

रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' के 138वें एपिसोड को संबोधित किया। इसी कार्यक्रम को सुनने के लिए मंत्री विजयवर्गीय विधानसभा-1 के वार्ड 7 के कंडीलपुरा पहुंचे थे। उन्होंने एक कार्यकर्ता के घर पर कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम सुना। इसी दौरान वार्ड की वर्तमान पार्षद भावना मिश्रा और पूर्व पार्षद मनोज मिश्रा अपने पार्षद कार्यालय पर मौजूद रहे और वहीं से 'मन की बात' सुनी। वार्ड से जुड़े मंडल उपाध्यक्ष, बूथ अध्यक्ष, वार्ड अध्यक्ष और पूर्व नगर कार्यवाह अध्यक्ष दिनेश शुक्ल भी मंत्री के कार्यक्रम में नहीं पहुंचे और पार्षद कार्यालय पर नरद ही मौजूद रहे।

एक वार्ड, दो जगह कार्यक्रम… चर्चा-क्यों?

राजनीतिक रूप से सामान्य दिखने वाले इस घटनाक्रम ने स्थानीय स्तर पर अलग-अलग चर्चाओं को जरूर हवा दी है। सवाल यह उठ रहा है कि जब मंत्री स्वयं अपने विधानसभा क्षेत्र के वार्ड में कार्यक्रम में मौजूद थे तो स्थानीय पार्षद और संगठन के कुछ प्रमुख पदाधिकारी उसी स्थान पर क्यों नहीं पहुंचे? हालांकि, नेताओं की ओर से इस अलग-अलग मौजूदगी को लेकर कोई स्पष्ट सार्वजनिक कारण सामने नहीं आया है। ऐसे में इसे सीधे किसी विवाद या असंतोष का परिणाम मानने के बजाय फिलहाल स्थानीय स्तर पर उठ रही राजनीतिक चर्चाओं और संकेतों के तौर पर देखा जा रहा है।

विधानसभा-एक की सियासत पर नजर

विधानसभा-1 में मंत्री विजयवर्गीय की सक्रियता के बीच वार्ड स्तर पर नेताओं की यह अलग-अलग मौजूदगी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि भाजपा के कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संगठन के पदाधिकारियों की सामूहिक मौजूदगी राजनीतिक संदेश का हिस्सा होती है। रविवार का दृश्य हालांकि छोटा था… एक ही वार्ड, एक ही समय, 'मन की बात' एक ही, लेकिन सुनने की जगह अलग-अलग। अब स्थानीय भाजपा में इस दूरी की वजह क्या थी, यह संबंधित नेताओं के स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल वार्ड 7 का यह दृश्य विधानसभा-1 की अंदरुनी सियासत को लेकर चर्चा का नया विषय जरूर बन गया है।

मंत्री को लोगों ने पानी की समस्या को लेकर घेरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुनने रविवार को सांवेर विधानसभा क्षेत्र के तलावली चांदा पहुंचे मंत्री तुलसी सिलावट को स्थानीय रहवासियों ने पानी की समस्या को लेकर घेर लिया। रहवासियों ने क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर नाराजगी जताते हुए बोरिंग कराने की मांग रखी। इससे पहले रहवासी स्थानीय पार्षद राकेश सोलंकी के समक्ष भी समस्या उठा चुके थे। मंत्री सिलावट रविवार को एक कार्यकर्ता के घर 'मन की बात' कार्यक्रम सुनने पहुंचे थे। जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी एकत्रित हो गए। पहले पार्षद सोलंकी के सामने और बाद में मंत्री सिलावट के समक्ष पानी की समस्या रखी। लोगों ने बताया कि क्षेत्र में पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों की शिकायत सुनने के बाद मंत्री सिलावट ने मौके पर ही बोरिंग कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, अगले एक-दो दिनों में बोरिंग कराया जाएगा। साथ ही पानी की सप्लाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश भी संबंधित जिम्मेदारों को दिए। घटनाक्रम का वीडियो मोबाइल फोन में लोगों ने रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल

Updated on:
28 Sept 2026 08:33 am
Published on:
28 Sept 2026 08:33 am